नीमच। मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से तीन प्रमुख योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान एवं गारंटी फीस में शासन द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
संत रविदास स्वरोजगार योजना (अनुसूचित जाति हेतु) के तहत उद्योग इकाई के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपए तक तथा सेवा एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपए तक की परियोजनाओं पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। पात्रता के लिए आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष, न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण तथा परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपए से कम होना आवश्यक है। योजना में बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक दिया जाएगा।
डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना (अनुसूचित जाति हेतु) के अंतर्गत 10 हजार से 1 लाख रुपए तक की स्वरोजगार परियोजनाओं के लिए सहायता दी जाएगी। इसमें 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के गैर आयकरदाता पात्र होंगे। योजना में बैंक ऋण पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान अधिकतम 5 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा।
भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना (अनुसूचित जनजाति हेतु) में उद्योग इकाई हेतु 1 लाख से 50 लाख रुपए तथा सेवा एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपए तक के ऋण का प्रावधान है। पात्रता की शर्तें संत रविदास योजना के समान हैं। इसमें भी 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक मिलेगा।
तीनों योजनाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल samast.mponline.gov.in के माध्यम से किए जा सकते हैं। ब्याज अनुदान का लाभ नियमित ऋण भुगतान की शर्त पर दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने पात्र अजा-अजजा वर्ग के युवाओं से योजनाओं का लाभ लेकर स्वयं का रोजगार स्थापित करने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति, नीमच कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।