नीमच। किसानों के लिए निर्धारित सब्सिडी प्राप्त यूरिया के औद्योगिक उपयोग एवं दुरुपयोग की आशंका के चलते कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा गठित विशेष दल ने गुरुवार को जिले के एक उर्वरक उत्पादक उद्योग का औचक निरीक्षण किया।
यह कार्रवाई इस उद्देश्य से की गई कि कृषि उपयोग हेतु निर्धारित यूरिया का किसी भी स्थिति में औद्योगिक कार्यों में उपयोग न हो।
निरीक्षण के दौरान दल ने उद्योग परिसर में यूरिया के भंडारण, उत्पादन प्रक्रिया, क्रय-विक्रय रिकॉर्ड तथा उपयोग से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, बिल-बुक एवं अन्य अभिलेखों का मिलान कर वास्तविक खपत का सत्यापन किया। निरीक्षण दल में एसडीएम प्रीति संघवी सहित कृषि, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की जांच आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। साथ ही यदि किसी भी इकाई में सब्सिडी वाले यूरिया का दुरुपयोग पाया जाता है, तो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।