मुरैना। पुलिस मुख्यालय भोपाल के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मुरैना एसपी कार्यालय में वर्षों से जमे एक स्टेनो को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। एसपी ऑफिस में पदस्थ स्टेनो गुलाब खरे पिछले 12 सालों से लगातार मुरैना में ही अटैच होकर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मूल पदस्थापना आइजी कार्यालय चंबल जोन ग्वालियर में बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक गुलाब खरे वर्ष 2014 से मुरैना एसपी कार्यालय में पदस्थ हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा 10 फरवरी 2021 को जारी प्रमोशन आदेश में स्पष्ट रूप से उन्हें आइजी कार्यालय चंबल जोन ग्वालियर में पदस्थ रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी वापसी अब तक नहीं हो सकी। सूत्रों की मानें तो मुरैना में बने रहने की इच्छा के चलते उन्होंने चार बार रिफ्रेशर कोर्स तक छोड़ दिया।
मामले को लेकर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि पुलिस मुख्यालय ने 13 जून 2025 को जारी आदेश में साफ निर्देश दिए थे कि एसपी कार्यालयों में लंबे समय से जमे रीडर और स्टेनो जैसे कर्मचारियों को अन्यत्र पदस्थ किया जाए। आदेश में यह भी कहा गया था कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक बने रहने से निहित स्वार्थ विकसित होने और कार्यप्रणाली की पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
इसके अलावा 22 अक्टूबर 2024 को जारी एक अन्य आदेश में पीएचक्यू ने गृह जिले में पुलिस कर्मचारियों की अटैचमेंट को अनुचित बताते हुए ऐसे कर्मचारियों की जानकारी भी मांगी थी। इसके बावजूद मुरैना एसपी कार्यालय में वर्षों से जमे कर्मचारी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर पुलिस मुख्यालय के आदेशों की लगातार अनदेखी क्यों हो रही है? क्या स्थानीय स्तर पर किसी संरक्षण के चलते नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, या फिर जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर आंखें मूंदे बैठे हैं।