BREAKING NEWS
NEWS : वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का हुआ.. <<     NEWS : विश्व पर्यावरण दिवस पर संजीवनी सेवा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम, मंत्री.. <<     NEWS : विश्व पर्यावरण दिवस पर संजीवनी सेवा.. <<     NEWS : ड्रग तस्कर उस्मान खान के अवैध फार्महाउस पर.. <<     KHABAR : विश्व पर्यावरण दिवस पर भादवा माता में.. <<     BIG NEWS : पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव, नीमच को मिली नई.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : मां के नाम एक पेड़, बेटी के नाम उज्ज्वल.. <<     REPORT : बिना परमिट चना ले जा रहे वाहन पर मंडी का.. <<     KHABAR : मनासा में पीड़ित परिवारों को मिली आर्थिक.. <<     धरती को हरा-भरा बनाने आगे आया देवास: विश्व.. <<     खरगोन में एनएचएम संविदा कर्मियों ने खून से.. <<     VIDEO: निपानिया आश्रम में हुआ विशेष.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : 14 साल की मासूम का शव कुएं में मिला,.. <<     NEWS : आई स्टैंड विद अलका लांबा अभियान में शामिल.. <<     NEWS : वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 का वन.. <<     NEWS : विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कर दिया.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
May 8, 2026, 6:28 pm
KHABAR : मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया का पहला प्रवचन, उज्जैन के पास कथा सुनने उमड़ी भीड़, बोलीं- 52 शक्तिपीठों से बनी 52 वर्णमाला, पढे़ खबर 

Share On:-

उज्जैन। मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रहीं हर्षा रिछारिया ने संन्यास लेने के एक माह के भीतर ही प्रवचन की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को उज्जैन से करीब 22 किलोमीटर दूर लक्ष्मीपुरा गांव से उन्होंने अपने प्रवचन की शुरुआत की।


यहां 108 कुंडीय यज्ञ के दौरान उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से करीब डेढ़ घंटे तक देवी शक्ति, माता सती और 52 शक्तिपीठों का महत्व बताया। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनका प्रवचन सुनने पहुंचे।


अपने पहले प्रवचन में हर्षा बोलीं कि हिंदी वर्णमाला में जैसे 52 शब्द होते हैं, वैसे ही शक्तिपीठ भी 52 हैं, इनसे निकले बीज मंत्र से 52 वर्णमाला बनी है।


अब संन्यास के बाद उन्होंने प्रवचन की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं। लक्ष्मीपुरा गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए जगह-जगह बड़े होर्डिंग लगाए गए थे, जिन पर “देवी प्रवचन - हर्षानंद गिरी” लिखकर उनकी तस्वीरें लगाई गई थीं। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए प्रवचन में हर्षा ने राजा दक्ष और माता सती की कथा से शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिना निमंत्रण कहीं नहीं जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 52 शक्तिपीठों और हिंदी वर्णमाला के 52 अक्षरों को जोड़ते हुए धार्मिक व्याख्या भी की।


19 अप्रैल को उज्जैन स्थित मोनी आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज के सानिध्य में हर्षा ने विधिवत संन्यास ग्रहण किया था। संन्यास के बाद उन्होंने गृहस्थ जीवन त्यागकर ‘स्वामी हर्षानंद गिरी’ नाम अपनाया। उनके संन्यास को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा और सवाल भी उठे, लेकिन हर्षा लगातार अपने विरोधियों को जवाब देती रहीं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE