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May 8, 2026, 6:28 pm
KHABAR : मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया का पहला प्रवचन, उज्जैन के पास कथा सुनने उमड़ी भीड़, बोलीं- 52 शक्तिपीठों से बनी 52 वर्णमाला, पढे़ खबर 

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उज्जैन। मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रहीं हर्षा रिछारिया ने संन्यास लेने के एक माह के भीतर ही प्रवचन की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को उज्जैन से करीब 22 किलोमीटर दूर लक्ष्मीपुरा गांव से उन्होंने अपने प्रवचन की शुरुआत की।


यहां 108 कुंडीय यज्ञ के दौरान उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से करीब डेढ़ घंटे तक देवी शक्ति, माता सती और 52 शक्तिपीठों का महत्व बताया। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनका प्रवचन सुनने पहुंचे।


अपने पहले प्रवचन में हर्षा बोलीं कि हिंदी वर्णमाला में जैसे 52 शब्द होते हैं, वैसे ही शक्तिपीठ भी 52 हैं, इनसे निकले बीज मंत्र से 52 वर्णमाला बनी है।


अब संन्यास के बाद उन्होंने प्रवचन की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं। लक्ष्मीपुरा गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए जगह-जगह बड़े होर्डिंग लगाए गए थे, जिन पर “देवी प्रवचन - हर्षानंद गिरी” लिखकर उनकी तस्वीरें लगाई गई थीं। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए प्रवचन में हर्षा ने राजा दक्ष और माता सती की कथा से शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिना निमंत्रण कहीं नहीं जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 52 शक्तिपीठों और हिंदी वर्णमाला के 52 अक्षरों को जोड़ते हुए धार्मिक व्याख्या भी की।


19 अप्रैल को उज्जैन स्थित मोनी आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज के सानिध्य में हर्षा ने विधिवत संन्यास ग्रहण किया था। संन्यास के बाद उन्होंने गृहस्थ जीवन त्यागकर ‘स्वामी हर्षानंद गिरी’ नाम अपनाया। उनके संन्यास को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा और सवाल भी उठे, लेकिन हर्षा लगातार अपने विरोधियों को जवाब देती रहीं।

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