नीमच। जिला पंचायत सभाकक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव की अध्यक्षता में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत पंचायतवार संचालित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद पंचायतों के सीईओ, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, उपयंत्री, सचिव, रोजगार सहायक एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें तालाब गहरीकरण, पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन, जल संरचनाओं की साफ-सफाई, वर्षा जल संचयन, स्टॉप डेम निर्माण, कुओं-बावड़ियों के संरक्षण तथा जनजागरूकता गतिविधियों की पंचायतवार प्रगति पर चर्चा हुई।
सीईओ वैष्णव ने निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने और ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिन पंचायतों में कार्यों की प्रगति धीमी है, वहां विशेष मॉनिटरिंग कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी ग्राम पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों से एक-एक कार्य की समीक्षा की गई तथा अभियान के सभी कार्य 18 मई तक पूर्ण कर ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को नियमित फील्ड भ्रमण कर कार्यों का निरीक्षण करने एवं समय पर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले 7 ग्राम रोजगार सहायकों एवं ग्राम पंचायत उम्मेदपुरा के सचिव का 7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश संबंधित जनपद पंचायत सीईओ को दिए गए। वहीं अमृत सरोवर एवं जल गंगा संवर्धन अभियान के लक्ष्यों की पूर्ति में लापरवाही पाए जाने पर 6 उपयंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैष्णव ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की आवश्यकता है। प्रत्येक पंचायत में वर्षा जल संग्रहण और स्थायी जल संरचनाओं पर प्रभावी कार्य किए जाएं। साथ ही ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।