नीमच/उज्जैन। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन संभाग तेजी से देश के बड़े फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेश प्रोत्साहन के चलते संभाग में फूड प्रोसेसिंग एवं एग्रो आधारित उद्योगों में करीब 7300 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, जिससे 5800 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर और आगर-मालवा जिले इस औद्योगिक विकास का हिस्सा बन रहे हैं। संभाग में सोयाबीन, आलू, मसाले, दाल और डेयरी उत्पादों पर आधारित उद्योगों की मजबूत श्रृंखला विकसित हो रही है। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़ी कंपनियों की एंट्री ने क्षेत्र को नई पहचान दी है। इनमें पेप्सिको इंडिया
, मैकेन फूड्स इंडिया
, अडानी विल्मर
, एमडीएच मसाले
, विप्पी इंडस्ट्रीज
और सोनिक बायोकेम
जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ ने बताया कि उज्जैन संभाग अब फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में नई पहचान बना रहा है और आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रमुख निवेश और रोजगार
मैकेन फूड्स इंडिया
— फ्रेंच फ्राइज उत्पादन, ₹3800 करोड़ निवेश, 591 रोजगार
पेप्सिको इंडिया
— फ्लेवर एवं बेवरेज उत्पादन, ₹1225 करोड़ निवेश, 500 रोजगार
एमडीएच मसाले
— मसाला निर्माण, ₹355 करोड़ निवेश
अडानी विल्मर
— सोया एवं वनस्पति तेल उत्पादन, ₹112 करोड़ निवेश
सोनिक बायोकेम
— प्रोटीन एवं एग्रो उत्पाद निर्माण, ₹118 करोड़ निवेश
फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के विस्तार से परिवहन, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भी हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिलने लगा है और पलायन में कमी आई है।