BREAKING NEWS
BIG NEWS : फुटबॉल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल के बाद.. <<     KHABAR : गुरु पूर्णिमा पर सरस्वती शिशु मंदिर.. <<     BIG REPORT : नीमच जिले में इस बार मानसून सुस्त, पिछले.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     NEWS : गुरु पूर्णिमा पर गुरु वंदन, सम्मान एवं.. <<     KHABAR : जिला स्तरीय गुरु वंदन-अभिनंदन एवं सम्मान.. <<     NEWS : महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत जिला.. <<     NEWS : गुरु पूर्णिमा पर रामद्वारा में उमड़ी.. <<     REPORT : विभागीय योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग से.. <<     KHABAR : गणेश प्रतिमाओं के स्वरूप से छेड़छाड़ न करने.. <<     KHABAR : आजाद समाज पार्टी ने मनाई गुरु पूर्णिमा,.. <<     KHABAR : शाजापुर कॉलेज में गुरु पूर्णिमा महोत्सव,.. <<     REPORT : सीएम हेल्पलाइन से लेकर राजस्व मामलों तक.. <<     NEWS : प्रतापगढ़ में भारी बारिश से आम जनजीवन.. <<     NEWS : गुरु पूर्णिमा पर महासती पूर्वीश्री जी.. <<     NEWS : हरीश आंजना स्नातकोत्तर महाविद्यालय में.. <<     NEWS : महर्षि पराशर वेदव्यास आश्रम, मातृकुंडिया.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
May 10, 2026, 12:05 pm
KHABAR : राज्य निर्वाचन आयोग की बड़ी कार्रवाई‎, मप्र के 3500 प्रत्याशी अयोग्य घोषित, नगरीय निकाय चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, पढे़ खबर 

Share On:-

भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने के नियमों का पालन नहीं करने पर 2022 का चुनाव लड़ चुके 3500 अभ्यर्थियों को आगामी 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई लगातार सुनवाई के बाद की है। ये वे प्रत्याशी हैं, जो चुनाव खर्च का ब्यौरा पेश नहीं कर पाए।


आयोग की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद पद का चुनाव लड़ने वाले 3500 अभ्यर्थियों को आयोग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। इसकी वजह यह है कि जिन अभ्यर्थियों को दो साल तक के लिए अयोग्य किया गया है, वे 2027 के जून-जुलाई में होने वाले चुनाव तक अपनी अयोग्यता की अवधि पूरी नहीं कर पाएंगे। इसलिए वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।


वहीं, जिन्हें पांच साल के लिए अयोग्य किया गया है, वे 2031 तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। नियम के मुताबिक, चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर हर प्रत्याशी को अपने चुनावी खर्च का पाई-पाई का ब्यौरा देना अनिवार्य होता है।


आयोग की जांच में सामने आया कि इन 3500 अभ्यर्थियों ने या तो खर्च का हिसाब दिया ही नहीं, या फिर जो जानकारी दी वह अधूरी और असंतोषजनक थी। आयोग ने इन सभी को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया, लेकिन साक्ष्य पेश नहीं कर पाने के कारण अंततः उन पर अयोग्यता की मुहर लगा दी गई।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE