बरसात से पहले आपदा से निपटने के लिए होमगार्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यालय से मिले आदेश के बाद नर्मदा नदी के गौरीघाट में चार दिवसीय प्रशिक्षण हुआ। 7 मई से 9 मई तक चले संभागीय स्तर के इस प्रशिक्षण में जवानों ने करीब 3 घंटे तक अभ्यास किया।
मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर जबलपुर सहित कटनी, मंडला, नरसिंहपुर समेत कई जिलों में प्रशिक्षण दिया गया। उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं में राहत एवं बचाव कार्यों को मजबूत करना है।
गौरीघाट में आयोजित हुआ प्रशिक्षण
प्रशिक्षण जबलपुर के गौरीघाट स्थित नर्मदा नदी में आयोजित किया गया, जहां व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
51 जवानों ने लिया हिस्सा
जबलपुर संभाग के विभिन्न जिलों से चयनित 51 होमगार्ड जवानों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया। जवानों को बाढ़, तेज बहाव और जल आपदा जैसी परिस्थितियों में बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया।
तैराकी और रेस्क्यू तकनीक का अभ्यास
प्रशिक्षण में तेज बहाव में तैरना, सांस लेने की तकनीक और पीड़ितों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास कराया गया।
आधुनिक बोट संचालन, चप्पू-ओअर का उपयोग और आउटबोर्ड मोटर (OBM) हैंडलिंग सिखाई गई।
SDRF टीम भी रही शामिल
विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में SDRF के जवानों को भी शामिल किया गया। डिवीजनल कमांडेंट और जिला सेनानी व प्रशिक्षण प्रभारी नीरज सिंह ठाकुर की निगरानी में प्रशिक्षण संपन्न हुआ।