मंदसौर। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय आयुष्मान आरोग्य अभियान के तहत ग्राम धलपट एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुनिया में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा टीबी जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करना रहा।
शिविर के दौरान टीबी जागरूकता अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों को टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई। ब्लॉक सीतामऊ के सुवासरा यूनिट के सीएचओ ने ग्रामीणों को टीबी रोग के प्रति जागरूक करते हुए इसके प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक खांसी रहना, भूख कम लगना, वजन घटना, रात में पसीना आना एवं लगातार बुखार बने रहना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि टीबी पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है और समय पर जांच एवं नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। बलगम जांच में टीबी पॉजिटिव पाए जाने पर मरीज को 6 माह तक नियमित दवा दी जाती है। साथ ही शासन द्वारा उपचार अवधि के दौरान प्रति माह एक हजार रुपये की पोषण सहायता राशि मरीज के बैंक खाते में प्रदान की जाती है।
शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच भी की गई। टीबी स्क्रीनिंग हेतु एक्स-रे के माध्यम से संदिग्ध एवं पूर्व उपचाररत मरीजों की जांच की गई। इसके अलावा हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, ब्लड शुगर एवं बीएमआई सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए।