हरदा। कांग्रेस विधायक आरके दोगने द्वारा दलित नेता राहुल पवारे को श्दलालश् कहने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान की निंदा करते हुए भीम आर्मी ने 21 मई को कलेक्ट्रेट घेराव का महा आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
भीम आर्मी कार्यालय में रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में विधायक के बयान को न केवल राहुल पवारे का, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान बताया गया। बैठक में सर्वसम्मति से इस अपमान को माफ न करने का संकल्प लिया गया।
संभाग प्रमुख बोले- यह सोची-समझी साजिश
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि पिछले कुछ समय से हरदा जिले में दलित और आदिवासी समाज के लोगों के साथ पुलिस, प्रशासन और सरकारी विभागों में प्रताड़ना के मामले बढ़ गए हैं। इन घटनाओं को अब और सहन न करने की बात कही गई।
भीम आर्मी के संभाग प्रमुख महेंद्र काशिव ने कहा कि ये घटनाएं अलग-अलग नहीं, बल्कि दलित-आदिवासी समाज के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश और व्यवस्थागत अन्याय का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों में उन्हें नौकरी के नाम पर मानसिक यातना दी जाती है।
21 मई को महा आंदोलन का ऐलान
आगामी 21 मई को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के बैनर तले यह महा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें हजारों की संख्या में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस बैठक में भीम आर्मी संभाग अध्यक्ष महेंद्र काशिव, भारत आदिवासी पार्टी जिला अध्यक्ष जयकुमार ऊईके, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष सुनील खंडेल, आजाद समाज पार्टी जिला अध्यक्ष रघुवीर अहिरवार, नाजी जिला अध्यक्ष मंगलेश आजाद, भीम आर्मी संभागीय उपाध्यक्ष राम ओसले, सुनील चौरे, पवन निमोरे, बादल शिटोले, नरेंद्र मेहरा, रामकृष्ण राठौर, तोताराम काजबे, दीपक तिलवारी, महेंद्र मानिक, योगेश अटले और अरविंद लोहारे सहित कई साथी उपस्थित रहे।