नीमच। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में तहसील न्यायालय मनासा में 11 वर्ष पुराने दो शमनीय आपराधिक प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण निराकरण किया गया।
व्यवहार न्यायाधीश रौनक पाटीदार की खंडपीठ एवं खंडपीठ सदस्य अधिवक्ता राकेश गुर्जर द्वारा वर्ष 2015 से लंबित भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 323 एवं 506 के एक प्रकरण में दोनों पक्षों को समझाइश देकर आपसी समझौता कराया गया। प्रकरण में दो आरोपियों का अपने पड़ोसी खेत के व्यक्तियों से सुखला निकालने की बात को लेकर विवाद हो गया था। घटना के बाद पीड़ित पक्ष द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी और न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने के बाद मामला पिछले 11 वर्षों से लंबित था।
राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों ने आपसी वैमनस्य समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद का निराकरण किया। इससे न केवल न्यायालयीन विवाद समाप्त हुआ, बल्कि दोनों पक्षों के संबंधों में भी सुधार आया। प्रकरण के निराकरण में अधिवक्ता रंजीत देवड़ा का विशेष योगदान रहा।
इसी प्रकार वर्ष 2015 से लंबित मारपीट के एक अन्य प्रकरण में भी उधार दिए गए रुपयों को लेकर हुए विवाद का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से वर्षों पुराने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान से पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिला तथा सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा मिला।