रतलाम। विकासखंड पिपलोदा अंतर्गत ग्राम रिछादेवड़ा, सेमलखेड़ी एवं पिंगराला स्थित पिंगला नदी के उद्गम स्थल पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” के द्वितीय चरण के अंतर्गत भूमि पूजन एवं श्रमदान कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन परिषद द्वारा चयनित नवांकुर संस्था टॉप शिक्षण संस्थान, सेक्टर क्रमांक 4 कालूखेड़ा के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, संवर्धन एवं जनभागीदारी के माध्यम से जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त एवं प्रदेश उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद मोहन नागर रहे। उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन कर पिंगला नदी उद्गम स्थल संरक्षण कार्य का शुभारंभ किया तथा उपस्थित जनसमुदाय के साथ श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर रेतीपुरा बालाजी मंदिर परिसर में उनका साफा बांधकर भव्य स्वागत किया गया। सभी अतिथियों का फूलमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में संभाग समन्वयक शिवप्रसाद मालवीय (उज्जैन), जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय (रतलाम), विकासखंड समन्वयक शिवशंकर शर्मा (पिपलोदा), तहसीलदार पिपलोदा, मंडल अध्यक्ष भाजपा रितेश जैन (सुखेड़ा), ग्रामीण मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह देवड़ा (जावरा), नवांकुर संस्था के कन्हैयालाल पाटीदार, सरपंचगण भेरूलाल पाटीदार (रिछादेवड़ा) एवं हिरालाल खराड़ी (पिंगराला), जिला चयन समिति सदस्य ईश्वरलाल पाटीदार, पटवारी चंचल सोनगरा, सचिवगण, परामर्शदाता कांतिलाल पाटीदार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राएं, प्रस्फुटन समितियों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।
मुख्य अतिथि मोहन नागर ने अपने उद्बोधन में कहा कि “जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज का नैतिक दायित्व है। यदि हम अपने जल स्रोतों को बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।”
कार्यक्रम का संचालन कांतिलाल पाटीदार द्वारा किया गया तथा अंत में विकासखंड समन्वयक शिवशंकर शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
“जल है तो कल है, नदी बचेगी तभी जीवन बचेगा।”