दमोह। सागर स्टेट हाईवे पर कोरासा गांव के पास सोमवार सुबह 10 बजे ग्रामीणों ने पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर खाली कुप्पे रखकर जाम लगा दिया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।
सूचना मिलने पर सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद नायब तहसीलदार पारूल चौधरी ने ग्रामीणों से बात की और उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा लिया। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पानी की टंकी और जल निगम की ओर से बिछाई गई पाइपलाइन मौजूद है। हालांकि, पानी तीन से चार दिन के अंतराल पर आता है और उसका दबाव इतना कम होता है कि वह घरों तक नहीं पहुंच पाता। गांव में लगे दो हैंडपंप भी रुक-रुक कर पानी देते हैं, जिससे ग्रामीणों को काफी दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सरपंच को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी कारण महिला और पुरुषों ने मिलकर दमोह-सागर मार्ग पर जाम लगाने का निर्णय लिया।
उनकी मुख्य मांग है कि गांव में तत्काल पानी की उचित व्यवस्था की जाए, क्योंकि भीषण गर्मी के कारण लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोरासा गांव दमोह शहर से सटा होने के बावजूद पानी की किल्लत झेल रहा है।
तहसीलदार के आश्वासन के बाद जाम खुला
ग्रामीणों के द्वारा जमकर नारेबाजी भी की गई। इसके बाद नायब तहसीलदार पारूल चौधरी मौके पर पहुंची उन्होंने सबसे पहले ग्रामीणों से जाम खोलने के लिए कहा। इसके बाद उनकी समस्याएं सुनी। ग्रामीणों ने बताया कि वह पानी के लिए बहुत परेशान है प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा।
नायब तहसीलदार ने सभी ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद गांव का निरीक्षण किया और उन्हें आश्वासन दिया। वह आज ही जल निगम के अधिकारियों से कहा जाएगा ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में प्रेशर के साथ पानी उपलब्ध कराया जाए और आगे उन्हें पानी की किसी भी प्रकार की समस्या ना हो सके। एक घंटे बाद करीब 11 बजे ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।