खरगोन। किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और समस्याओं को लेकर किसान प्रतिनिधियों ने सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जमीन अधिग्रहण के बदले चार गुना मुआवजा देने, गेहूं उपार्जन में गड़बड़ी रोकने, खाद वितरण बढ़ाने और सहकारी बैंक भर्ती घोटाले की जांच सहित कई मांगें उठाई गईं।
किसानों ने आरोप लगाया कि गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों से तय मात्रा से 700 से 800 ग्राम तक अतिरिक्त गेहूं लिया जा रहा है। विशेष रूप से सनावद तहसील के बड़ूद उपार्जन केंद्र पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कृषि साख सहकारी समितियों के डिफाल्टर किसानों को नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसानों ने कहा कि बीज, खाद और कृषि दवाइयों का विक्रय करने वाली कंपनियों के लाइसेंसधारियों की सूची किसान संगठनों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
किसानों ने खरगोन-बड़वानी सहकारी बैंक में रिश्वत लेकर अयोग्य लोगों की भर्ती किए जाने का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही ई-रोकड़ खाद योजना के दूसरे चरण में किसानों को मांग के अनुसार पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
ज्ञापन में कमलनाथ सरकार के दौरान घोषित राहत राशि का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों का कहना है कि केवल 25 प्रतिशत राशि खातों में आई थी, जबकि शेष 75 प्रतिशत अब तक लंबित है। किसानों ने बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग की।
इसके अलावा किसानों ने सभी फसलों पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंडी अधिनियम 1972 की धारा 36 एवं 37 के तहत सख्ती से लागू कराने और इफको कंपनी के डीएपी, एसएसपी व 12:32:16 खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।