नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने निर्देश दिए हैं कि जिले में इस वर्ष किसानों को प्रोत्साहित कर संतरा फलोद्यान का रकबा 1500 हेक्टेयर तक बढ़ाया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत प्रत्येक पंचायत में न्यूनतम एक खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित कराने के प्रयास किए जाएं।
सोमवार को आयोजित एपीसी समूह की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रेरित कर व्यापक स्तर पर मिट्टी परीक्षण अभियान चलाया जाए तथा जिले में 10 हजार से अधिक किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने लेकर सॉइल हेल्थ कार्ड तैयार किए जाएं।
कलेक्टर चंद्रा ने निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरकों का वितरण केवल ई-विकास पोर्टल एवं ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि गत वर्ष अधिक उर्वरक उपयोग करने वाले किसानों से संवाद कर उन्हें मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित एवं कम उर्वरक उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक में सोयाबीन के स्थान पर मक्का एवं मूंगफली की खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को किसानों को आवश्यकतानुसार मक्का एवं मूंगफली का बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉ. सी.पी. पचोरी, सहायक आयुक्त सहकारिता राजू डाबर, उप संचालक कृषि दिनेश मंडलोई, उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश पाटीदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।