पीथमपुर। जय नगर स्थित संगम गार्डन में आयोजित शिव महापुराण कथा के चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कथा पंडाल महादेव की महिमा और शिव तत्व को जानने आए श्रोताओं से भरा रहा। पूरा परिसर ष्हर हर महादेवष् और ष्श्री शिवाय नमस्तुभ्यंष् के मंत्र से गूंज उठा।
कथा के चौथे दिन आचार्य अमित कृष्ण ने माता सती के आत्मदाह और उसके बाद हिमालय राज व माता मैना के यहां माता पार्वती के जन्म की कथा सुनाई। माता पार्वती के जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही श्रद्धालु उत्साह से भर गए। भक्तों ने नृत्य किया और पुष्पवर्षा कर इस अवसर का स्वागत किया।
व्यासपीठ से आचार्य अमित कृष्ण ने श्रद्धालुओं को जीवन का व्यावहारिक ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि संसार की वस्तुएं और रिश्ते केवल क्षणिक सुख देते हैं, जबकि जीवन का वास्तविक आनंद महादेव की शरण में ही मिलता है।
आचार्य ने यह भी संदेश दिया कि मनुष्य को भविष्य की व्यर्थ चिंता छोड़कर अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए। जो व्यक्ति निष्काम भाव से कर्म करता है, महादेव उसकी चिंता स्वयं हर लेते हैं।
संगम गार्डन में चल रहे इस धार्मिक अनुष्ठान से पीथमपुर क्षेत्र का वातावरण भक्तिपूर्ण बना हुआ है। चौथे दिन की कथा का समापन महाप्रसाद वितरण और आरती के साथ होगा।