नीमच। प्रॉपर्टी कारोबार में लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले युवक के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर उसकी पत्नी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि घटना को चार माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
मनासा निवासी मोइउद्दीन मंसूरी की पत्नी द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के अनुसार, उनके पति प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। इसी दौरान उनके कुछ परिचितों ने उन्हें एक कॉलोनी प्रोजेक्ट में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि कॉलोनी में हिस्सेदारी और निवेश से संबंधित वास्तविक तथ्यों को छिपाकर उनके पति से करीब 41 लाख 40 हजार रुपये का निवेश कराया गया। यह राशि परिवार द्वारा मकान, प्लॉट और अन्य संपत्तियां बेचकर जुटाई गई थी।
आवेदन में बताया गया है कि बाद में मोइउद्दीन मंसूरी को कथित रूप से सौदे में अनियमितता और आर्थिक नुकसान की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी निवेश राशि वापस मांगी, लेकिन उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। इससे वे गहरे मानसिक तनाव में आ गए और आर्थिक संकट भी बढ़ता गया।
पीड़िता के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को मोइउद्दीन मंसूरी ने एक वीडियो और सुसाइड नोट तैयार करने के बाद जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर अवस्था में उन्हें मनासा से जिला चिकित्सालय नीमच रेफर किया गया, जहां उपचार के बाद उनकी जान बच सकी। सुसाइड नोट और वीडियो में उन्होंने अपनी परेशानी के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया था।
महिला का आरोप है कि घटना के बाद 20 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना एवं आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।