देवास। धार में बड़े उत्साह के साथ कई वर्षों के बाद आज भोजशाला में मां वाघदेवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। वहीं पूरे शहर में भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और सुरक्षा के मद्देनजर हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी गई।
इस दोरान भोजशाला आंदोलन से जुड़े उन कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने वर्षों तक इस आंदोलन में भाग लेकर कई बार प्रताड़ना झेली। इस दौरान कई कार्यकर्ता भावुक नजर आए।
उनका कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद आज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का भोजशाला पहुंचना उनके लिए गर्व और संतोष का क्षण है।
दर्शन करने आए गोसेवक जीतू रघुवंशी ने बताया, “हाईकोर्ट के निर्णय के बाद जिस तरह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, वह उनकी आस्था को दर्शाता है। आज सनातन समाज के लोगों के लिए यह गर्व का विषय है कि हम यहां दर्शन कर पा रहे हैं।”
याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी ने कहा,“यह फैसला वर्षों की कानूनी लड़ाई और समाज के धैर्य का परिणाम है। हमने न्यायालय पर भरोसा रखा और आज उसी का परिणाम सामने है। आगे भी हम कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।”
धार विधायक नीना वर्मा भी भोजशाला पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा,“आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। लगभग 700 साल की प्रतीक्षा आज समाप्त हुई है। यह सनातन धर्म की जीत हैभोजशाला आंदोलन में जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, उन्हें मैं श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। साथ ही आज उन सभी कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया है, जिन्होंने इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। यह जीत केवल किसी एक की नहीं, बल्कि समस्त हिंदू समाज की जीत है।”
सीएसपी सुजवाल जुग्गा ने बताया,“आज भोजशाला में पूजा के आदेश थे, जिसके अनुसार पूजा संपन्न हुई है। वहीं दूसरी ओर नमाज के आदेश के तहत सभी ने अपने-अपने क्षेत्र की मस्जिदों में नमाज अदा की। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है। इसके लिए हम सभी धारवासियों का धन्यवाद करते हैं।”