सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना में फ्लाई ऐश लोडिंग के दौरान उड़ रही धूल को लेकर आसपास के गांवों के लोगों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे रैक से राखड़ भेजने के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
गांवों तक पहुंच रही राख
स्थानीय लोगों के अनुसार राखड़ लोडिंग स्थल गांवों के काफी करीब है। लोडिंग के दौरान उड़ने वाली राख हवा के साथ घरों तक पहुंच रही है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और धूल से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूरे इलाके में दिनभर धूल और राख का असर बना रहता है।
पानी छिड़काव को बताया अपर्याप्त
ग्रामीण सुरेश पाण्डेय ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी मात्रा में राखड़ लोडिंग होने के बावजूद पर्याप्त वॉटर स्प्रिंकलर नहीं लगाए गए हैं। उनका कहना है कि सड़कों पर पानी का छिड़काव सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है और इससे धूल कम नहीं हो रही। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि बड़े क्षेत्र में केवल पतली पाइप से पानी डालकर राख उड़ने से कैसे रोका जा सकता है।
एनटीपीसी प्रबंधन बोले-नियमों का हो रहा है पालन
मामले में एनटीपीसी प्रबंधन ने दावा किया है कि फ्लाई ऐश पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। प्रबंधन की ओर से कुछ वीडियो और तस्वीरें भी साझा की गईं, जिनमें कर्मचारी पाइप से पानी डालते दिखाई दे रहे हैं। एनटीपीसी के पीआरओ ने कहा कि राखड़ परिवहन और लोडिंग के दौरान सभी नियमों का पालन किया जा रहा है और प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी व्यवस्थाएं लगातार की जा रही हैं।