मंदसौर। जिले के ग्राम नगरी के युवक अशोक मालवीय ने यह साबित किया है कि मेहनत, तकनीकी शिक्षा और सही मार्गदर्शन से गांव का युवा भी सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। शासकीय आईटीआई मंदसौर से ड्राफ्ट्समैन सिविल ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अशोक आज एक सफल उद्यमी और रोजगारदाता के रूप में पहचान बना चुके हैं।
आईटीआई प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक अजमत खान के मार्गदर्शन में उन्होंने तकनीकी ड्राफ्टिंग की गहरी समझ विकसित की। इसके बाद उन्होंने मात्र 8 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर रोड कंसल्टेंसी में नौकरी शुरू की और दो वर्षों तक कार्य कर सड़क निर्माण की तकनीकी बारीकियां सीखी।
अनुभव बढ़ाने के लिए उन्होंने आगे एक सिविल ठेकेदार के साथ 2दृ3 वर्ष तक कार्य किया, जहां उन्हें लेबर मैनेजमेंट, बिलिंग और टेंडर प्रक्रिया की जानकारी मिली। लगातार मेहनत के चलते वे 30 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन तक पहुंचे।
लगभग पांच वर्षों के अनुभव के बाद उन्होंने अपनी स्वयं की कॉन्ट्रैक्टिंग फर्म “शशि कंस्ट्रक्शन” की स्थापना की। गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य के कारण उन्हें कई सड़क परियोजनाओं के टेंडर मिलने लगे।
वर्तमान में उनकी फर्म रतलाम के वार्ड क्रमांक 09 में सड़क एवं ड्रेनेज निर्माण कार्य कर रही है। आज अशोक मालवीय न केवल सफल उद्यमी हैं, बल्कि कई ग्रामीणों को रोजगार भी दे रहे हैं। उनकी कहानी युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की प्रेरणा बन रही है।