BREAKING NEWS
KHABAR : अंबेडकर मार्ग पर नपा ने हटाया दुकानों के.. <<     ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान में गरोठ.. <<     VIDEO NEWS:जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त,मांगों पर बनी.. <<     KHABAR : नीमच में पर्यटन विकास को नई गति देने की.. <<     BIG BREAKING : कॉकरोच जनता पार्टी बोली- आंदोलन खत्म,.. <<     BIG NEWS : गरोठ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 173 ग्राम एमडी.. <<     KHABAR : फर्जी मेडिकल दस्तावेज बनाकर अंतरिम जमानत.. <<     पिपलियामंडी में सिस्टम फेल, जनता पास,खूनी.. <<     NEWS : एसपी धर्मेंद्र सिंह की पहल, जिलेभर के.. <<     NEWS : चार साल से फरार एनडीपीएस का वांछित आरोपी.. <<     "नशे के खिलाफ रतलाम पुलिस का महाअभियान, जावरा.. <<     BIG NEWS : मैदान में गूंजेगा नशामुक्ति का संदेश,.. <<     KHABAR : गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के.. <<     जर्जर सिद्धेश्वर रोड को लेकर सड़क पर उतरे.. <<     पिपलियामंडी के डेफोडिल्स स्मार्ट स्कूल में.. <<     KHABAR : गरोठ के पावटी में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का.. <<     शाजापुर में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन,.. <<     KHABAR : ड्रिप लगी, फिर भी दवा लेने पहुंचे मरीज,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 2, 2026, 5:01 pm
KHABAR : महिला स्व-सहायता समूह महासंघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, आंगनवाड़ी संचालन से जुड़ी समस्याओं पर उठाई आवाज, पढे़ अबरार पठान की खबर 

Share On:-

खरगोन। महिला स्व-सहायता समूह महासंघ, खरगोन ने प्रधानमंत्री पूरक पोषण योजना एवं आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।

महासंघ ने मांग की कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जिससे बच्चों को पोषण का लाभ मिल सके और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

संगठन ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 100 प्रतिशत बच्चों के लिए रेडी-टू-ईट सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन वास्तविक उपस्थिति और भुगतान कम होने से समूहों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।

इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों पर अतिकुपोषित बच्चों के लिए दिए जाने वाले “थर्ड मील” का वर्षों से लंबित भुगतान शीघ्र कराने की भी मांग की गई।

महासंघ का कहना है कि कई स्व-सहायता समूह आर्थिक संकट के चलते पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि कई बंद होने की कगार पर हैं। संगठन ने प्रशासन से महिलाओं के हित में उचित निर्णय लेकर सहयोग प्रदान करने की अपील की है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE