खरगोन। महिला स्व-सहायता समूह महासंघ, खरगोन ने प्रधानमंत्री पूरक पोषण योजना एवं आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
महासंघ ने मांग की कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जिससे बच्चों को पोषण का लाभ मिल सके और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
संगठन ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 100 प्रतिशत बच्चों के लिए रेडी-टू-ईट सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन वास्तविक उपस्थिति और भुगतान कम होने से समूहों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों पर अतिकुपोषित बच्चों के लिए दिए जाने वाले “थर्ड मील” का वर्षों से लंबित भुगतान शीघ्र कराने की भी मांग की गई।
महासंघ का कहना है कि कई स्व-सहायता समूह आर्थिक संकट के चलते पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि कई बंद होने की कगार पर हैं। संगठन ने प्रशासन से महिलाओं के हित में उचित निर्णय लेकर सहयोग प्रदान करने की अपील की है।