उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ मास की शाही सवारी में पिछले 10 वर्षों से शामिल हो रही मादा हाथी श्यामू के इस बार सवारी में शामिल होने पर संशय बना हुआ है। श्यामू इन दिनों ज्वाइंट डिजनरेटिव डिजीज से पीड़ित है। उसकी जांच रिपोर्ट वन विभाग द्वारा हाई पावर कमेटी को भेजी जा चुकी है और चिकित्सकों की सलाह पर उसे एक माह का पूर्ण विश्राम दिया गया है।
श्यामू के महावत अरुण योगी ने बताया कि अब तक श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सवारी में शामिल करने या फिटनेस परीक्षण के लिए कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि श्यामू को रोज पशु चिकित्सालय ले जाया जा रहा है, जहां उसकी नियमित जांच की जा रही है।
वन विभाग के एसडीएफओ विक्रम सिंह सोलंकी ने बताया कि डॉक्टरों की टीम लगातार श्यामू के स्वास्थ्य पर निगरानी रख रही है। उन्होंने कहा कि सवारी में हथिनी को शामिल करने का निर्णय मंदिर प्रबंध समिति करेगी। समिति की ओर से फिटनेस टेस्ट के लिए पत्र मिलने पर स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।
उम्र से अधिक वजन बना परेशानी
पशु चिकित्सकों के अनुसार श्यामू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 (शेड्यूल-1) श्रेणी का वन्यजीव है। उसके पैरों में गंभीर समस्या है और उम्र के मुकाबले अधिक वजन होने से पिछले पैरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि इस स्थिति में चलते समय उसके गिरने का खतरा बना रहता है।
गौरतलब है कि पिछले महीने वाइल्ड लाइफ हाई पावर कमेटी की टीम जांच और ब्लड सैंपल लेने पहुंची थी, लेकिन हाथी मालिक सरमन गिरि और उनके परिवार के विरोध के कारण टीम बिना जांच किए लौट गई थी।
3 अगस्त से शुरू होगी महाकाल की सवारी
भगवान महाकालेश्वर की श्रावण मास की सवारियां 3 अगस्त से प्रारंभ होंगी। परंपरा के अनुसार 10 अगस्त को निकलने वाली दूसरी सवारी में भगवान श्री मनमहेश हाथी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। वर्ष 2016 से मादा हाथी श्यामू यह दायित्व निभा रही है। हालांकि इस बार उसकी खराब सेहत को देखते हुए अंतिम निर्णय फिटनेस रिपोर्ट और मंदिर प्रबंध समिति की अनुमति के बाद ही लिया जाएगा।