चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में चतुर्दशी के अवसर पर सोमवार को भंडार खोला गया। पहले चरण की गणना में दानपात्र से 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई। पूरे दिन बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से नोटों और सिक्कों की गिनती की।
परंपरा के अनुसार सुबह पूजा-अर्चना और राजभोग आरती के बाद दानपात्र खोले गए। इसके बाद नकद दान की गणना शुरू हुई, जो शाम तक जारी रही। पहले ही दिन 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सामने आने से श्रद्धालुओं में उत्साह और चर्चा का माहौल रहा।
मंदिर मंडल ने बताया कि मंगलवार को अमावस्या होने के कारण भंडार की गणना नहीं की जाएगी। धार्मिक परंपराओं के चलते इस दिन काउंटिंग का कार्य स्थगित रहेगा। अब शेष राशि की गणना 15 जुलाई (बुधवार) को दोबारा शुरू की जाएगी।
मंदिर प्रशासन के अनुसार अभी केवल दानपात्र से प्राप्त नकद राशि की गिनती हुई है। श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चेक, ऑनलाइन दान, सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य बहुमूल्य चढ़ावे का लेखा-जोखा और मूल्यांकन अभी शेष है। यह कार्य अंतिम चरण में पूरा किया जाएगा, जिसके बाद भंडार में प्राप्त कुल दान का अंतिम आंकड़ा जारी किया जाएगा।
गौरतलब है कि श्री सांवलियाजी मंदिर देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है, जहां हर महीने भंडार खुलने पर प्राप्त दान की गणना पर श्रद्धालुओं और पूरे मेवाड़ क्षेत्र की विशेष नजर रहती है।