नीमच। पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का अधिकतम लाभ नीमच जिले को दिलाने की मांग करते हुए कहा है कि जनप्रतिनिधियों को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी पैरवी करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनप्रतिनिधि इस जायज मांग पर त्वरित कार्रवाई करेंगे या फिर मूकदर्शक बने रहेंगे?
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अगले माह से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की शुरुआत इंदौर संभाग से होने जा रही है। इसके अंतर्गत इंदौर से मंदसौर संसदीय क्षेत्र के मंदसौर, नीमच और मनासा सहित इंदौर संभाग के विभिन्न जिलों के लिए बस सेवाएं संचालित किए जाने का प्रस्ताव है।
डॉ. जाजू ने कहा कि नीमच में मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम के समय से ही पूर्ण विकसित बस डिपो एवं बस स्टैंड उपलब्ध है। यहां परिवहन निगम की वर्कशॉप, पेट्रोल पंप तथा कर्मचारियों के आवासीय क्वार्टर जैसी आधारभूत सुविधाएं भी मौजूद रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के संचालन के लिए नीमच पूरी तरह उपयुक्त स्थान है।
उन्होंने बताया कि इंदौर संभाग के बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी से सीधी बस सेवाएं तथा इंदौर से मनासा के बीच बस सेवा प्रारंभ करने के प्रस्ताव हैं। इसके अलावा इंदौर संभाग के कई जिलों और मंदसौर के बीच भी बस सेवाएं शुरू किए जाने की योजना है।
डॉ. जाजू का कहना है कि नीमच जिले को मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का भरपूर लाभ तभी मिल सकेगा, जब मंदसौर तक प्रस्तावित सभी बस सेवाओं को नीमच तक विस्तारित किया जाए। इससे न केवल नीमच जिले के यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा के विधानसभा क्षेत्र मल्हारगढ़, पिपलिया तथा आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को भी सीधा लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि यदि नीमच जिले के जनप्रतिनिधि और मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा इस मांग को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष जोरदार पैरवी करें, तो मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की बसों को मंदसौर से आगे नीमच तक विस्तारित करने के आदेश जारी हो सकते हैं। अब यह जनप्रतिनिधियों की गंभीरता और उनके दायित्व निर्वहन पर निर्भर करेगा कि वे इस जनहित की मांग को कितना प्रभावी ढंग से शासन के समक्ष रखते हैं।