झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि टांट्या मामा के पुरुषार्थ एवं वीर झब्बू भील की कर्मभूमि झाबुआ जनजातीय संस्कृति और समृद्ध कृषि परंपराओं का गौरवशाली जिला है उन्होंने कहा कि पूर्व में झाबुआ जिला विक्रम विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता था, इसलिए यह जिला सदैव उनके मन के करीब रहा है झाबुआ के भुट्टों का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस मौसम में यहां के भुट्टों का आनंद ही अलग है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर वर्चुअल माध्यम से किसानों को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ष्प्राकृतिक खेतीष् के विजन को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत झाबुआ जिले में 50 कृषि सखियों का चयन किया गया है जिले में वर्तमान में लगभग 3,125 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है तथा किसानों की प्राकृतिक खेती का शासन द्वारा प्रमाणीकरण भी कराया गया है।
उन्होंने कहा की झाबुआ का नाम आते ही कड़कनाथ की पहचान स्वतः सामने आती है झाबुआ और कड़कनाथ एक-दूसरे के पर्याय बन चुके है ष्एक जिला-एक उत्पादष् योजना के माध्यम से कड़कनाथ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे है, वर्ष 2025 में जिले में कड़कनाथ पालन से एक हजार से अधिक नए हितग्राही जोड़े गए हैं।
मुख्यमंत्री ने पेटलावद में स्थापित टमाटर प्रसंस्करण इकाई का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में 2,812 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती की जा रही है तथा लगभग 1.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है यहां टमाटर उत्पादक किसानों का क्लस्टर विकसित किया गया है तथा टमाटर सॉस और केचअप का उत्पादन किया जा रहा है इसके अलावा 12 सोलर ड्रायर यूनिट स्थापित कर टमाटर का डिहाइड्रेशन भी किया जा रहा है झाबुआ का टमाटर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा तथा दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए बताया कि राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 71 अस्पतालों के उन्नयन का निर्णय लिया गया है, इसके अंतर्गत झाबुआ जिले के पेटलावद स्थित बामनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 6 बिस्तरों से बढ़ाकर 30 बिस्तरों का किया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने सांदीपनि विद्यालयों की सराहना करते हुए कहा कि इन विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है जिससे नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिले के बामनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणा का स्वागत करते हुए जिलेवासियों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण सौगात से क्षेत्र के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनेंगी।
विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित
महोत्सव में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए इस अवसर पर बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक योगदान देने वाले दो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की गई।
आकर्षक एवं जानकारीपरक प्रदर्शनी
महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक एवं जानकारीपरक प्रदर्शनी भी लगाई गई प्रदर्शनी में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग, कृषि अभियांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, राष्ट्रीय तिलहन मिशन तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं कृषि यंत्रीकरण की जानकारी प्रदर्शित की गई वहीं मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला पंचायत झाबुआ के अंतर्गत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा निर्मित घरेलू, प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना, प्राकृतिक खेती, ई-व्यवस्था प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण की पारदर्शी व्यवस्था तथा कृषक कल्याण वर्ष-2026 से संबंधित गतिविधियों की जानकारी भी किसानों को प्रदर्शनी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतिया एवं जानकारीपरक वीडियो प्रदर्शित
कार्यक्रम के दौरान आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनजातीय संस्कृति एवं लोक परंपराओं की मनमोहक झलक प्रस्तुत की गई, साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों, शासकीय कृषि योजनाओं तथा नवाचारों से संबंधित जानकारीपरक वीडियो प्रदर्शित किए गए, जिससे उन्हें कृषि क्षेत्र की नवीनतम जानकारियां एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्रसिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी. एस सोलंकी एवं अन्य जिला अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।