नीमच। जिले के निवासी सांमत सिंह चौहान ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर ग्राम भाटखेड़ा स्थित खसरा क्रमांक 103/2 (एस) के राजस्व अभिलेखों में व्यावसायिक भू-परिवर्तन दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि सक्षम न्यायालय के आदेश के 15 वर्ष बाद भी खसरे में आवश्यक संशोधन नहीं होने से उन्हें लगातार प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फरियादी ने आवेदन में बताया कि अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) द्वारा संबंधित भूमि का उपयोग आवासीय से व्यावसायिक किए जाने का आदेश पारित कर पटवारी एवं तहसीलदार को खसरे में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद तकनीकी अथवा मानवीय त्रुटि के कारण आज भी राजस्व रिकॉर्ड में भूमि का उपयोग आवासीय दर्ज है।
उन्होंने बताया कि एसडीएम के आदेश के आधार पर भूमि पर व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जा चुका है तथा पंचायत के सभी निर्धारित कर भी वर्ष 2030 तक जमा कर दिए गए हैं। इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों में संशोधन नहीं होने से उन्हें विभिन्न कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सांमत सिंह चौहान का कहना है कि वह कई बार तहसीलदार, पटवारी, जनसुनवाई एवं प्रशासनिक शिविरों में आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन अब तक आदेश का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप कर राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन करवाते हुए खसरे में आवासीय के स्थान पर व्यावसायिक भू-उपयोग दर्ज कराने की मांग की है।