भोपाल। वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इंदौर समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे कुछ अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों के साथ धरना स्थल पर रात गुजार रहे हैं।
मच्छरों और सीमित सुविधाओं के बीच महिलाएं बच्चों को संभालते हुए आंदोलन में डटी हैं। वहीं, नरेंद्र राजपूत 21 अगस्त रात 12 बजे से भूख हड़ताल पर हैं। उनका दावा है कि शनिवार शाम तक उन्होंने करीब 18 घंटे से खाना-पानी नहीं लिया।
5 और 8 साल की बेटियों के साथ पहुंचीं दीप्ति
इंदौर की शिक्षक अभ्यर्थी दीप्ति सिंह ठाकुर अपनी 5 और 8 साल की बेटियों के साथ नीलम पार्क पहुंची हैं। उनका कहना है कि पदवृद्धि की मांग को लेकर यह उनका 13वां आंदोलन है। शुक्रवार रात उन्होंने बेटियों के साथ पार्क में ही रात गुजारी।
दीप्ति के मुताबिक, यहां मच्छरों के अलावा पानी और वॉशरूम जैसी सुविधाओं की भी परेशानी है, लेकिन शिक्षक बनने के लिए वर्षों की तैयारी के बाद अपने अधिकार की मांग से पीछे नहीं हटेंगी।
एक बच्चे को साथ लाई, दूसरे को रिश्तेदार के यहां छोड़ा
सरोज कुशवाहा अपने एक साल के बेटे माधव को साथ लेकर धरने में शामिल हुई हैं। उन्होंने अपने बड़े बच्चे को रिश्तेदार के यहां छोड़ा है। सरोज के मुताबिक उन्होंने करीब चार साल शिक्षक भर्ती की तैयारी में लगाए हैं और 99 परसेंटाइल हासिल करने के बावजूद चयन नहीं हुआ। उनका कहना है कि पर्याप्त पद होते तो उनका चयन हो सकता था। अब उनकी मांग है कि सरकार रिक्त पदों को भर्ती में शामिल कर पद बढ़ाए और दूसरी काउंसलिंग कराए।
18 घंटे से भूख हड़ताल पर नरेंद्र
अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने 21 अगस्त रात 12 बजे से भूख हड़ताल शुरू की है। उनका कहना है कि शनिवार शाम तक करीब 18 घंटे से उन्होंने खाना-पानी नहीं लिया। उन्होंने डॉक्टर से स्वास्थ्य जांच कराने की मांग भी की है। नरेंद्र का कहना है कि अभ्यर्थी आंदोलन को उग्र नहीं करना चाहते और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं।
वर्ग-3 में 25 हजार, वर्ग-2 में विषयवार 3 हजार पद की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग वर्ग-3 में कुल 25 हजार पद करने की है। इसके लिए पूर्व स्वीकृत पदों के साथ नए रिक्त पद शामिल कर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग की जा रही है। वहीं वर्ग-2 में प्रत्येक विषय में करीब 3 हजार पद बढ़ाने और बढ़े हुए पदों के साथ दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग है।
नवंबर 2025 से आंदोलन, अब अनिश्चितकालीन धरना
अभ्यर्थियों के मुताबिक पदवृद्धि की मांग को लेकर नवंबर 2025 से अलग-अलग चरणों में आंदोलन किए जा रहे हैं। जनवरी से जुलाई तक भोपाल में प्रदर्शन, धरने, भूख हड़ताल, मुंडन और मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर विरोध जताया गया। अब 21 अगस्त 2026 से नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार पदवृद्धि और दूसरी काउंसलिंग पर निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।