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August 22, 2026, 7:54 pm
REPORT : कलेक्टर ने अधिवक्ताओं के साथ बैठक में राजस्व न्यायालयों की समस्याओं पर की चर्चा, प्रकरण दर्ज करने से लेकर आदेश, कॉज लिस्ट और नकल जारी होने तक की प्रक्रिया में सुधार पर हुआ मंथन, पढ़े खबर 

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रतलाम। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने शनिवार को अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली से जुड़ी समस्याओं, सुझावों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की। अधिवक्ताओं ने प्रकरणों के समय पर निराकरण, कॉज लिस्ट, आदेश जारी करने, नकल उपलब्ध कराने सहित विभिन्न समस्याएं कलेक्टर के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बैठक में अधिवक्ताओं ने बताया कि कई राजस्व न्यायालयों में रीडर स्तर पर प्रकरण दर्ज होने में काफी समय लग जाता है। कई मामलों में प्रकरण दर्ज करने में ही एक माह तक का समय लग जाता है। अधिवक्ताओं ने न्यायालयों में नियमित रूप से कॉज लिस्ट जारी करने की आवश्यकता बताई, ताकि प्रकरणों की स्थिति की जानकारी समय पर मिल सके।

अधिवक्ताओं ने पीठासीन अधिकारियों के बैठने का समय निर्धारित नहीं होने की समस्या भी बताई। विशेष रूप से जावरा क्षेत्र की चार टप्पा तहसीलों में एक ही समय पर न्यायालय लगने से अधिवक्ताओं को अलग-अलग न्यायालयों में उपस्थित होने में परेशानी होने की बात कही गई।

बैठक में पेशी के समय फाइल तैयार नहीं होने से सुनवाई में देरी, कार्रवाई पूरी होने के बावजूद आदेश जारी होने में दो-तीन माह का समय लगने तथा प्रकरणों को वेब जीआईएस पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जाने से नकल प्राप्त करने में होने वाली देरी का मुद्दा भी उठाया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि नकल में देरी होने से कई मामलों में अपील की निर्धारित अवधि भी प्रभावित होती है।

अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों के आदेशों में उनके द्वारा प्रस्तुत उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्याय दृष्टांतों का उल्लेख किए जाने तथा अपर कलेक्टर स्तर पर निगरानी की प्रक्रिया को आवश्यक एवं विशेष मामलों तक सीमित रखने का सुझाव दिया।

इसके अलावा लोक सेवा गारंटी से जुड़े प्रकरणों, अपील दर्ज करने में आ रही तकनीकी दिक्कतों तथा निजी भूमि के खसरा सुधार प्रकरणों की प्रक्रिया से संबंधित समस्याएं भी बैठक में रखी गईं।

पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया पर जोर-
कलेक्टर कटेसरिया ने कहा कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं व्यवस्थित बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर अधिवक्ताओं द्वारा उठाए गए व्यावहारिक मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का न्यायालयीन एवं मैदानी अनुभव प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। उनके सुझावों से राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार के साथ आम नागरिकों को समय पर न्याय एवं राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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