नीमच। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए डिप्टी कलेक्टर ने बिना सरकारी वाहन के पैदल ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में अव्यवस्थाएं, गंदगी और कर्मचारियों की कमी सामने आई। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान ओपीडी पर्ची काउंटर के पास चार कुत्ते सोते मिले। वहीं टीबी कक्ष के पास एक मादा कुत्ते ने बच्चे दिए हुए थे। अस्पताल परिसर में कुत्तों की मौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल बाहर करवाया गया।
बच्चों के वार्ड का शौचालय दो माह से जाम-
बच्चों के वार्ड के निरीक्षण में शौचालय पिछले करीब दो माह से जाम मिला। डिप्टी कलेक्टर ने मौके की गंदगी को गंभीरता से लेते हुए तस्वीरें खींचीं और इसे अस्पताल का ‘ब्लैक स्पॉट’ बताते हुए संबंधित जिम्मेदारों को व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा गार्ड और सफाईकर्मियों की कमी-
निरीक्षण में अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था और सफाईकर्मियों की संख्या भी निर्धारित क्षमता से काफी कम मिली। अस्पताल में 30 सुरक्षा गार्ड की जगह केवल 11 गार्ड तथा 60 सफाईकर्मियों की जगह करीब 30 कर्मचारी कार्यरत पाए गए। डिप्टी कलेक्टर ने इस संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उपचार, दवाइयों और भोजन की व्यवस्था का फीडबैक लिया। बेडशीट उपलब्ध नहीं होने की शिकायत पर तत्काल चादरें बिछवाई गईं। इसके अलावा उन्होंने छत पर पहुंचकर पानी की टंकी की सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
SNCU में माताओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था-
नवजात शिशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसएनसीयू वार्ड में माताओं के प्रवेश के लिए विशेष सिक्योरिटी कार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर में बीड़ी-गुटखा के उपयोग और प्रवेश पर रोक के लिए चेकिंग बढ़ाने को भी कहा गया। अस्पताल परिसर में कपड़े बेचने वाली महिलाओं को भी परिसर के बाहर निर्धारित स्थान पर दुकान लगाने की हिदायत दी गई।
सप्ताह के सातों दिन होगी निगरानी-
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और नियमित निगरानी के लिए कलेक्टर के निर्देश पर सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी प्रतिदिन अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगे। प्रशासन का उद्देश्य अस्पताल में स्वच्छता, सुरक्षा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है।