रतलाम। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने शनिवार को पटवारी एवं राजस्व निरीक्षकों के साथ बैठक कर राजस्व कार्यों में सुधार, आवश्यक बदलाव तथा मैदानी स्तर पर आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन एवं अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत भी उपस्थित रहे।
बैठक में सीमांकन, नामांतरण एवं अतिक्रमण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सीमांकन कार्य की धीमी प्रगति के कारणों की जानकारी लेते हुए प्रतिदिन औसतन दो सीमांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीमांकन प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए एसओपी तैयार करने की बात कही।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सीमांकन से पूर्व संबंधित भूमि के पुराने सीमांकन दस्तावेज एवं रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पूर्व में सीमांकन कब और किस प्रक्रिया के तहत हुआ था। उन्होंने फील्ड बुक समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सीमांकन में तकनीक का बढ़ेगा उपयोग-
कलेक्टर ने राजस्व कार्यों में तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर देते हुए जिले में नई रोवर मशीन खरीदने की कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अपर कलेक्टर को टेंडर सहित आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के लिए कहा।
नामांतरण की समस्याओं पर भी चर्चा-
बैठक में विवादित एवं अविवादित नामांतरण सहित नामांतरण से जुड़ी अन्य व्यावहारिक समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने पटवारी एवं आरआई से मैदानी स्तर पर आने वाली कठिनाइयों और उनके समाधान के संबंध में सुझाव लिए।
नगर निगम क्षेत्र में राजस्व कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उपलब्ध संभावनाओं एवं कार्यक्षेत्र पर भी अधिकारियों से चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व कार्यों में सुधार का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।