नीमच। आमजन को त्वरित, सरल और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को नीमच जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ हुआ। जिला न्यायालय नीमच सहित मनासा और जावद न्यायालयों में गठित 21 खंडपीठों के माध्यम से राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की सहमति से विवादों के समाधान की प्रक्रिया जारी है।
लोक अदालत में चैक बाउंस, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, बिजली-पानी बिल, ई-चालान, नगरपालिका, राजस्व, श्रम, उपभोक्ता एवं पारिवारिक विवादों सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई की जा रही है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शोभना मीणा ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को साथ बैठाकर संवाद एवं समझाइश के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के पक्षकारों से लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
चैक बाउंस के मामलों पर विशेष जोर-
लोक अदालत में चैक बाउंस के मामलों के निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष जोशी ने बताया कि ऐसे मामलों में सामान्य न्यायिक प्रक्रिया में समय लग सकता है, जबकि लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति बनने पर विवाद का शीघ्र समाधान संभव है। समझौते से पक्षकारों के समय और खर्च की बचत होती है तथा नियमानुसार कोर्ट फीस वापसी का लाभ भी मिल सकता है।
लोक अदालत में होने वाला निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति पर आधारित होता है। ऐसे मामलों में सामान्यतः निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं रहता।
नीमच में 12, मनासा में 5 और जावद में 4 खंडपीठों का गठन किया गया है। शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत, विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार सक्सेना, जितेंद्र कुमार बाजोलिया, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय विजय सिंह कावछा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शोभना मीणा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष जोशी, जिला अभियोजक चंचल बाहेती सहित न्यायाधीश एवं अधिवक्ता मौजूद रहे। संचालन जिला विधिक अधिकारी प्रवीण पूनिया ने किया।