दतिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा शनिवार सुबह दतिया पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पीतांबरा माता के दर्शन किए। इसके बाद बड़ौनी स्थित गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां कार्यकर्ता मिलन और भोजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम में नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की और 17 सितंबर को सेवा पखवाड़े के शुभारंभ पर किला चौक में आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने का आह्वान किया।
मिश्रा ने कहा कि 17 सितंबर की शाम किला चौक पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोजन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी राजू त्यागी, पंकज गुप्ता और पुनीत तिलवानी संभालेंगे, जबकि मेडिकल से जुड़े पप्पू दलाल सहित पांच लोग कार्यक्रम की व्यवस्था देखेंगे।
देश-दुनिया में प्रभाव दिखाई देता है
नरोत्तम ने प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री नहीं बने थे, तब कार्यकर्ता उनमें मुख्यमंत्री की छवि देखते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री की छवि देखी और प्रधानमंत्री बनने के बाद विश्व नेता की।
उन्होंने कहा कि आज मोदी सच में विश्व के नेता के रूप में स्थापित हुए हैं, जो सभी कार्यकर्ताओं के लिए गौरव और सम्मान की बात है।
मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री को लेकर देश-दुनिया में जिस तरह का प्रभाव दिखाई देता है, उससे हर कार्यकर्ता का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता संगठित होकर एक साथ मिलते हैं तो माहौल उत्सव जैसा बन जाता है और मन प्रसन्न होता है।
भगवान का काम है, अधूरा नहीं रहेगा’
कार्यक्रम के दौरान गुप्तेश्वर मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों का भी जिक्र हुआ। एक कार्यकर्ता द्वारा लाइट का काम अधूरा रहने की बात कहे जाने पर मिश्रा ने कहा कि “यह भगवान गुप्तेश्वर का काम है, कोई भी काम अधूरा नहीं रहेगा। सभी काम पूरे होंगे।
उन्होंने मंदिर क्षेत्र में मौजूद झरने और तालाब का भी उल्लेख किया और कार्यकर्ताओं से इन्हें देखने की अपील की। साथ ही मजाकिया अंदाज में कहा कि आज किसी को तालाब या झरने में नहाना नहीं है, इसके लिए अलग से परिवार और कार्यकर्ताओं के साथ आना।
मिश्रा ने 17 सितंबर को किला चौक पहुंचने की अपील दोहराई। इसके बाद 19 सितंबर को राधाष्टमी के कार्यक्रम में शामिल होने की बात भी कही।