खनियांधाना। तहसील के ग्राम पंचायत गूडर में विरोध का एक अनोखा और चर्चा का विषय बनने वाला नजारा देखने को मिला। गांव की आदिवासी महिलाओं और ग्रामीणों ने अवैध जहरीली कच्ची शराब और बस्ती के बीच खुली शासकीय शराब दुकान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर थाने पहुंची महिलाओं ने गुस्से और आस्था का ऐसा संगम दिखाया कि पुलिस भी हैरान रह गई।
एक तरफ तीखे नारे, दूसरी तरफ राम धुन
तहसीलदार निशिकांत जैन और थाना प्रभारी संजय सिंह किरार को ज्ञापन सौंपने के बाद महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा. थाने के भीतर महिलाओं ने अवैध शराब बंद करो और पुलिस तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी जैसे कड़े नारों के साथ जमकर नारेबाजी की।
खास बात यह रही कि आक्रोश जताने के साथ ही महिलाओं ने विरोध का एक अनूठा तरीका अपनाया। थाने के प्रांगण में ही जमीन पर बैठकर महिलाओं ने सुर में सुर मिलाकर ष्श्री राम जय राम जय जय रामष् का भजन शुरू कर दिया। थाने परिसर में गूंजते राम नाम के भजन और तीखे नारों का यह विरोधाभास हर किसी का ध्यान खींच रहा था।
10 दिन का अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अवैध कच्ची शराब का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है और आदिवासी बस्ती के बीच शराब दुकान होने से महिलाओं व छात्राओं का निकलना दूभर हो गया है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर अवैध शराब के अड्डों को नष्ट कर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन और थाना परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए मजबूर होंगी।