शाजापुर। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत विवेचना और साक्ष्यों के उचित संकलन को लेकर 12 सितंबर को पुलिस कंट्रोल रूम शाजापुर में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाजापुर आनंद कुमार तिवारी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों एवं विवेचना प्रक्रिया की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान न्यायाधीश तिवारी ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में वैधानिक एवं वैज्ञानिक तरीके से विवेचना करने, जप्ती कार्रवाई, सीलिंग, सैंपलिंग प्रक्रिया और दस्तावेजीकरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया।
उन्होंने घटनास्थल से लेकर न्यायालय में अभियोजन तक Chain of Custody को सुरक्षित रखने के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। साथ ही न्यायालयीन परीक्षण के दौरान आवश्यक तथ्यों और साक्ष्यों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के संबंध में पुलिस अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एनडीपीएस एक्ट के मामलों में त्रुटिरहित, निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना सुनिश्चित करना तथा प्रभावी अभियोजन के लिए पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाना रहा।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय, एसडीओपी शाजापुर कीर्ति बघेल, डीएसपी अजाक अजय मिश्रा, एसडीओपी बेरछा एन.पी.एस. चौहान सहित विभिन्न थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।