बालाघाट। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके शनिवार को बालाघाट पहुंचे। वे उन गांवों का दौरा करेंगे, जहां बीते महीनों में आदिवासी बच्चों की मौत हुई है।
दीपके ने कहा कि आदिवासी बच्चे जिस तरह से लगातार बीमार हो रहे हैं, उससे साफ है कि उनकी बहुत अनदेखी हुई है। उन्हें बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
टीकाकरण और पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है, इसके कारण वे झीरिया का पानी पीने को मजबूर हैं। हम यहां बड़ा आंदोलन करेंगे।
मूल निवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहेश्
दीपके ने कहा- एक ओर 7.8 प्रतिशत ग्रोथ रेट का दावा किया जा रहा है, जबकि मूल निवासी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। देश एयरपोर्ट, संसद और पीएम आवास चमकाने से विश्वगुरु नहीं बनेगा।
देश को विश्वगुरु बनाना है तो आदिवासी इलाकों में आदिवासियों को बेहतर जिंदगी, अच्छी शिक्षा और बेहतर मौके देने होंगे।
सारे मंत्री आदिवासियों की इस हालत के जिम्मेदार
सीजेपी फाउंडर ने कहा- आदिवासियों की इस हालत के लिए आदिवासी विकास मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और सचिव जिम्मेदार हैं। सीजेपी आदिवासियों की इस लड़ाई में उनका पूरा साथ देगा। हमने जनप्रतिनिधियों को हेलीकॉप्टर में उड़ने या आलीशान भवन बनाने के लिए नहीं चुना है।
जिन्होंने बच्चे खोए हैं, उन्हें न्याय जरूर दिलाएंगे
दीपके ने कहा- आज मैं उन गांवों में जा रहा हूं, जहां बच्चों की मौत हुई है। उनके परिवारों से मिलूंगा। जो जरूरी होगा वो हम करेंगे। जिन लोगों ने अपने बच्चे खोए हैं, उन्हें न्याय जरूर दिलाएंगे।
जवाबदेही तय न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम यही देखने आए हैं। हम यहां बड़ा आंदोलन करेंगे। यहां की पुलिस हमारे लोगों पर दवाब बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये लोग भी पीछे हटने वालों में से नहीं हैं। यहां लंबी लड़ाई होने वाली है, लड़ाई जितनी लंबी होगी उतना ही लंबा संघर्ष होगा।
अभिजीत के साथ युवाओं में फोटो खिंचाने की होड़
बालाघाट पहुंचे अभिजीत के साथ युवाओं में फोटो खिंचाने की होड़ मची रही। वे जैसे ही कार में बैठे, एक बच्चा ‘अंकल प्लीज’ कहते हुए हाथ पर आटोग्राफ की जिद करने लगा। उन्होंने उसका नाम पूछकर हाथ पर आटोग्राफ दिए।
पिछले तीन महीने में 31 बच्चों की मौत हो चुकी
जिला मुख्यालय से बैहर क्षेत्र के अडोरी और मछुरदा पंचायत में पिछले तीन महीने में 31 बच्चों की मौत हो गई है। इसी मामले में सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके बालाघाट पहुंचे हैं।
वह आदिवासियों युवाओं के साथ प्रभावित ग्राम बोंदारी और कोरका जाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि अस्पताल में खसरा, मलेरिया, निमोनिया, चर्मरोग, बुखार से पीड़ित करीब 50 बच्चे अब भी भर्ती हैं। रोजाना करीब 5 से 10 बच्चे आ रहे हैं।