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September 12, 2026, 5:37 pm
KHABAR : दो भैंसों से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की नई कहानी, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना बनी सुनील का सहारा, 1.47 लाख रुपए की मिली अनुदान सहायता, पढ़े खबर 

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नीमच। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना ग्रामीण पशुपालकों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जरिया बन रही है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशन और पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में संचालित योजना का लाभ लेकर मनासा विकासखंड के ग्राम चुकनी निवासी सुनील पिता गोपाल बंजारा ने अपने डेयरी व्यवसाय को नई दिशा दी है।

सुनील बताते हैं कि मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत उन्हें हरियाणा से दो भैंसें प्राप्त हुईं। दोनों भैंसों की इकाई लागत 2 लाख 95 हजार रुपए थी, जिसमें उन्हें 1 लाख 47 हजार 500 रुपए का अनुदान मिला। योजना से मिली सहायता ने उन्हें डेयरी व्यवसाय बढ़ाने का अवसर दिया।

विभागीय मार्गदर्शन से पशुपालन हुआ बेहतर-
सुनील के अनुसार पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें भैंसों की देखभाल, उन्नत पशुपालन तकनीक और नस्ल सुधार के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया। इससे उन्हें पशुओं के बेहतर प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली।

वर्तमान में दोनों भैंसों से करीब 16 लीटर दूध प्रतिदिन प्राप्त हो रहा है। सुनील के अनुसार दूध बेचकर उन्हें लगभग 800 रुपए प्रतिदिन, यानी करीब 24 हजार रुपए प्रतिमाह की आय हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और पशुपालन आय का अच्छा जरिया बन गया है।

मुर्रा नस्ल तैयार करने का लक्ष्य-
सुनील अब पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में नस्ल सुधार पर भी ध्यान दे रहे हैं। उनका प्रयास है कि घर पर ही अच्छी नस्ल की मुर्रा भैंस तैयार की जाए, ताकि आने वाले समय में दुग्ध उत्पादन के साथ आय में भी वृद्धि हो सके।

सुनील कहते हैं कि मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से उन्हें आर्थिक सहायता के साथ पशुपालन को बेहतर तरीके से करने का मार्गदर्शन भी मिला। योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद की है। उन्होंने इसके लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

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