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September 20, 2026, 6:09 pm
KHABAR : पाली हाउस में पान की खेती से बदली अनिल की तकदीर, बैंक की नौकरी छोड़ आधुनिक खेती अपनाई, अब बेहतर आमदनी; 30-40 किसान भी हुए प्रेरित, पढ़े खबर 

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भानपुरा। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर मंदसौर जिले के कई किसानों ने अपनी आय के नए रास्ते तलाशे हैं। भानपुरा निवासी अनिल बंबोरिया भी इनमें शामिल हैं। पहले बैंक में नौकरी करने वाले अनिल ने परिवार की परंपरागत पान की खेती को आधुनिक तकनीक से बड़े स्तर पर करने का निर्णय लिया। उद्यानिकी विभाग की योजना से 50 प्रतिशत अनुदान प्राप्त कर उन्होंने पाली हाउस तैयार किया और पान की खेती शुरू की। इससे उन्हें बेहतर आमदनी होने लगी है। अनिल बताते हैं कि बैंक की नौकरी से मिलने वाली आय से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था। परिवार पहले से ही पान की खेती करता था। इसी परंपरागत खेती को बड़े स्तर पर करने के लिए उन्होंने पाली हाउस में पान की खेती की जानकारी जुटाई। इसके बाद उद्यानिकी विभाग की हितग्राहीमूलक योजना के तहत आवेदन किया। प्रकरण स्वीकृत होने पर उन्हें 2.67 लाख रुपये का अनुदान मिला और इतनी ही राशि उन्होंने हितग्राही अंशदान के रूप में लगाई। वर्ष 2021-22 में करीब 5.5 लाख रुपये की लागत से पाली हाउस तैयार कर पान की खेती शुरू की। अनिल के अनुसार, परंपरागत पान की खेती में आंधी, बारिश, गर्मी और सर्दी से फसल को नुकसान होता था। बारिश में जड़ों में बीमारी और सर्दियों में पत्तियां खराब होने से उत्पादन प्रभावित होता था। पाली हाउस में खेती करने से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिली है। जहां पारंपरिक पान की बेल करीब 1 से 1.5 वर्ष में नष्ट हो जाती थी, वहीं पाली हाउस में यह 15 से 20 वर्ष तक चल सकती है। उत्पादन भी करीब डेढ़ गुना तक बढ़ा है। शुरुआती दो वर्षों में बेहतर आय मिलने के बाद अनिल ने योजना का लाभ लेकर एक और पाली हाउस तैयार किया और पान की खेती का विस्तार किया। अनिल ने बताया कि मंदसौर जिले में 8-लेन एक्सप्रेस-वे बनने से भी पान की फसल को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा हुई है। वे अपनी पान की फसल दिल्ली मंडी भेजते हैं। पहले परिवहन में अधिक समय लगने से फसल खराब होने और आर्थिक नुकसान की आशंका रहती थी, लेकिन अब एक्सप्रेस-वे के कारण फसल दूसरे दिन ही दिल्ली मंडी पहुंच जाती है। इससे फसल खराब होने की संभावना कम हुई है और बेहतर भाव मिलने की उम्मीद रहती है। अनिल की सफलता से प्रेरित होकर आसपास के करीब 30 से 40 किसान पान की खेती की ओर आगे आए हैं। भानपुरा में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के दौरान किसानों ने कलेक्टर दिव्यांक सिंह से मुलाकात कर पाली हाउस में पान की खेती को लेकर रुचि जताई। कलेक्टर ने किसानों को हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए संबंधित विभाग को पान कृषकों का क्लस्टर बनाने के निर्देश दिए। अनिल का कहना है कि पान की खेती पाली हाउस में करने से किसानों को अधिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने अपनी सफलता में शासन की योजनाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

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