देवरी खवासा। 10 दिवसीय गणेश उत्सव का समापन देवरी खवासा में धूमधाम और भक्तिभाव के साथ हुआ। गांव के विभिन्न स्थानों पर विराजित गणपति बप्पा की श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की। महाप्रसादी के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों से गणपति बप्पा को विदाई दी।
10 दिनों तक गांव में गणपति भक्ति की धूम रही। महिलाओं और युवाओं ने ढोल-डीजे की धुन पर डांडिया खेलकर उत्सव का आनंद लिया। वहीं, बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। प्रतिदिन गणेशजी की आरती के साथ भक्ति गीतों पर महिलाओं ने नृत्य और डांडिया किया।
विभिन्न स्थानों पर दी गई बप्पा को विदाई-
प्रजापति मोहल्ले में युवा मित्र मंडल द्वारा गणपति बप्पा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर विदाई दी गई। सत्संग भवन एवं अमरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में विराजित भगवान गणेश को महाप्रसादी अर्पित करने के बाद शुभ मुहूर्त में विसर्जन के लिए विदाई दी गई।
इसी प्रकार देवनारायण चौक पर सोनी आटा चक्की के सामने पहली बार स्थापित गणपति प्रतिमा को भी ढोल-डीजे के साथ भक्तिमय माहौल में विदाई दी गई। इस दौरान महिलाओं और युवा मित्र मंडल ने डांडिया खेला तथा विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन किया।
जयकारों से गूंजता रहा गांव-
गांव के कई प्रमुख चौराहों पर गणपति प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। इसके अलावा धर्मप्रेमी परिवारों ने अपने घरों में भी गणपति बप्पा को विराजित कर पूजा-अर्चना, भोग और भक्ति गीतों के साथ उत्सव मनाया।
पूरे 10 दिनों तक “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों से देवरी खवासा का माहौल भक्तिमय बना रहा। विदाई के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम नजर आईं। सभी ने अगले वर्ष फिर से गणपति बप्पा के आगमन की कामना की।