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November 30, 2022, 1:46 pm
KHABAR : जड़ माहू कीट से बचाव के लिए किसानों को सलाह, उपसंचालक ने दिए दवाई छिड़काव के दिशा निर्देश, पढ़े खबर 

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सीहोर। जिले में गेहूं की बुआई सर्वाधिक क्षेत्र में बोई जाति है। वर्तमान में गेहूं की फसल में जड़ माहू कीटव्याधी की समस्या देखनों को मिल रही है। इसको दृष्टिगत रखते हुए कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र सेवनिया के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने ग्रामों एवं क्षेत्रों का भ्रमण कर गेहूं की फसलों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को शीघ्र बोई गई गेहूं की फसल में जड़ माहू कीट की समस्या कहीं-कहीं दिखाई दी है।

कृषि विभाग के उप संचालक केके पाण्डे ने बताया कि कीटव्याधी की समस्या समाने आई है कीट गेहूं की फसल में पौधों की जड़ो से रस चूसता है, जिसके कारण पत्तियां ऊपर से नीचे की ओर सूखने लगती है एवं पौधा सूख जाता है। अपनी प्रारंभिक अवस्था में यह कीट छोटे-छोटे पेच में दिखाई देता है, जो कुछ ही दिनों में पूरे खेत में फैल जाता है। जड़ माहू कीट हल्के पीले एवं काले रंग का होता है, जिसका जीवन चक्र 7 से 10 दिन का होता है। इस कीट से बचाव के लिए किसान भाईयों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेत की सतत् निगरानी करते रहे एवं कीट की समस्या पाये जाने पर एसिटामाप्रिड 20 प्रतिशत SP,  60 ग्राम प्रति एकड़ या इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत SL की 50 एमएल मात्रा प्रति एकड़ या थायोमेथाक्सॉम 25 प्रतिशत WG की 50 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ के साथ एनपीके 19.19.19 एक किलोग्राम प्रति एकड़ का 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कराएं। 
 

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