आगर मालवा। कृषि विज्ञान केन्द्र आगर एवं सॉलिडरिडार्ड के संयुक्त तत्वाधान में 05 दिसम्बर को विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस का आयोजन ग्राम खजूरी चौपड़ा में किया गया। मृदा स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ एके दीक्षित एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरपीएस शक्तावत, कृषि विभाग से श्री आरएस भूरे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री हेमराज तोमर, एटीएम, आत्मा सॉलिडरिडार्ड एवं समर्थ किसान प्रो.क.लि. से सुश्री चेतना पथरोड, श्री बद्री लाल, न्यूट्री सखी पुष्पा मालवीय एवं 54 कृषक उपस्थित रहे। डॉ एके दीक्षित ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य दिवस का आयोजन प्रतिवर्ष 5 दिसम्बर को किया जाता है, क्योंकि मृदा की उत्पादकता एवं स्वास्थ्य खराब होने के कारण से उत्पादन में लगातार गिरावट हो रही है, साथ ही गुणवत्तायुक्त उत्पाद में कमी हो रही है। जैविक खेती, प्राकृतिक खेती एवं उर्वरकों एवं रसायनों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी। डॉ आर.पी.एस. शक्तावत ने बताया कि जैविक अंश की पूर्ति नहीं होने के कारण से जमीन के बंजर होने की संभावनायें बढ़ रही है, कार्बनिक खादों का उपयोग बढाया जाये। साथ ही बीजामृत, जीवामृत जैविक कीटनाशी, दशपर्णी अग्निस्त्र, ब्रम्हास्त्र बनाने की विस्तृत जानकारी दी। फसलो के रोग एवं कीट नियत्रण के लिए समसामयिक सलाह दी। इस संबंध सुश्री चेतना, ने सॉलिडरिडार्ड के बारे में विस्तृत जानकारी दी। श्री आर.एस.भूरे ने मिट्टी परीक्षण का महत्व तथा मिट्टी के नमूने लेने का तरीका बताया। कार्यक्रम का संचालन श्री हेमराज तोमर द्वारा किया गया।