खरगोन। मंगलवार को एक लिखित शिकायत और टीएल बैठक में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम द्वारा दिए निर्देशानुसार एसडीएम ओमनारायण सिंह ने देर शाम पिपलझोपा और बिस्टान सोसायटियों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उर्वरकों की ऑनलाइन इंट्री, स्टॉक रजिस्टर और भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी पायी गई थी। एसडीएम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार दोपहर में कृषि विभाग द्वारा भगवानपुरा थाने में पिपलझोपा संस्था के प्रबंधक ओर गोदाम प्रभारी पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। एफआईआर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 35, 35 (1) (अ) और 35 (2) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 व 7 में एफआईआर दर्ज हुई है। कृषि विभाग के एसडीओ व उर्वरक निरीक्षक थानसिंह मंडलोई द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था पिपलझोपा के प्रबंधक/गोदाम प्रभारी अशफाक शेख और रविन्द्र गेहलोद पर एफआईआर दर्ज हुई है।
दर्ज एफआईआर अनुसार मंगलवार को पिपलझोपा संस्था का खरगोन एसडीएम सिंह, भगवानपुरा तहसीलदार मुकेश मचार और सहकारिता निरीक्षक बसंत यादव द्वारा औचक निरीक्षण किया गया था। यहाँ की पीओएस मशीन और भौतिक सत्यापन में एनपीके के 24 बैग, सिंगल सुपर फास्फेट के 30 बैग में अंतर पाया गया। साथ ही संस्था द्वारा स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं कर उर्वरक की कालाबाजारी की गई।