नीमच। श्रीमद भागवत कथा में शुक्रवार को परम पूज्य गुरुदेव भागवत प्रवक्ता पं गौरव कश्यप कैलोरी खुर्द रतलाम ने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं और रासलीला का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा पालसोड़ा स्थित भैसासरी माताजी मंदिर प्रांगण में आयोजित की जा रही है।
सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा के पांचवें दिन पं कश्यप ने कृष्ण जन्म के बाद कथा को आगे बढ़ाते हुए पूतना वध, यशोदा मां के साथ बालपन की शरारतें, भगवान श्रीकृष्ण का गौ प्रेम, कालिया नाग मान मर्दन, माखन चोरी गोपियों का प्रसंग सहित अन्य कई प्रसंगों का वर्णन किया। कंस का आमंत्रण मिलने के बाद भगवान श्री कृष्ण बड़े भाई बलराम जी के साथ मथुरा को प्रस्थान करते हैं। भागवत कथा के दौरान पंडित कश्यप द्वारा बीच-बीच में सुनाए गए भजन पर श्रोता भाव विभोर हो गए।
हरी नाम से ही जीव का कल्याण हो जाता-
पं कश्यप ने कहा कि भागवत कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। कलयुग की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि कलयुग में मानस पुण्य तो सिद्ध होते है, परंतु मानस पाप नहीं होते। कलयुग में हरी नाम से ही जीव का कल्याण हो जाता है। कलयुग में ईश्वर का नाम ही काफी है सच्चे हृदय से हरि नाम के सुमिरन मात्र से कल्याण संभव है। इसके लिए कठिन तपस्या और यज्ञ आदि करने की आवश्यकता नहीं है। जबकि सतयुग, द्वापर और त्रेता युग में ऐसा नहीं था।
पंडित कश्यप कहा कि कालरात्रि में पाप बढ़ने के कारण ही कालरात्रि में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ है। तभी धर्म का अवतरण होता है। हर इंसान के अंतःकरण में अज्ञान रूपी रात्रि छाई हुई है। भागवत कथा सुनने से ज्ञान रूपी प्रकाश हो जाता है, जिनके अंतःकरण प्रकार होता है, उनका जीवन आनंदमय व सुखमय हो जाता हैं।
इस अवसर पर आसपास क्षेत्र के सैकड़ों महिलाएं पुरुष उपस्थित थे। भागवत की आरती के पश्चात प्रसाद वितरित की गई कथा प्रतिदिन 11.30 से 3.30 बजे तक चल रही हैं। भागवत कथा 9 जनवरी तक चलेगी श्रीमद्भागवत महोत्सव समिति ने सभी धर्म प्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पधार कर कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की।