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January 16, 2023, 3:33 pm
NEWS : दान और परोपकार के पर्व मकर संक्रांति पर पुर्व अध्यापिका ने लिया नेत्रदान का संकल्प, पढ़े विशाल श्रीवास्तव की खबर

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भवानीमंडी। सदियों से भारतीय संस्कृति में मकर सक्रांति को दान और परोपकार के पर्व के रूप में मनाया जाता है, ऐसे में भवानीमंडी नगर की एक महिला ने रविवार को मकर सक्रांति पर्व पर नेत्रदान का संकल्प लेकर अनूठी पहल प्रस्तुत की है। 

भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इन्डिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र कमलेश दलाल ने बताया कि भवानीमंडी का नेत्रदान कार्यक्रम लगातार लोगों को इस हेतु प्रेरित कर रहा है, और लगातार लोग इसके लिए आगे आ रहे हैं, जन्मदिन और विवाह दिवस के साथ-साथ त्यौहार-उत्सव पर भी नेत्रदान संकल्प लेने की परंपरा भवानीमंडी में देखने को मिल रही है। इसी के तहत दान और परोपकार के पर्व मकर सक्रांति के अवसर पर भवानीमंडी निवासी महिला एवं पूर्व अध्यापिका कल्पना उपाध्याय ने मरणोपरांत अपने नेत्रदान का संकल्प किया। इस अवसर पर महिला के पुत्र और पुत्रवधू भी साक्षी के रूप में साथ रहे।

नेत्रदान संकल्पकर्ता कल्पना उपाध्याय के अनुसार वह भवानीमंडी के नेत्रदान कार्यक्रम से प्रभावित होकर काफी समय से नेत्रदान का संकल्प लेना चाह रही थी, ऐसे में मकर संक्रांति को मनाते हुए उन्हें अनुभूति हुई कि नेत्रदान का पावन संकल्प लेने का मकर संक्रांति उपयुक्त अवसर है, सदियों से मकर सक्रांति पर दान और परोपकार की परंपरा रही है एवं नेत्रदान सबसे बड़ा दान है यही सोच कर उन्होंने मकर संक्रांति पर नेत्रदान का संकल्प किया है, जिससे हमारी मृत्यु के पश्चात भी किसी असहाय को नया जीवन दिया जा सके।

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