नीमच। जिले में हाड कंपाने वाली सर्दी का कहर जारी है। पिछले 3-4 दिन से पड़ रही कड़ाके की सर्दी से लोग परेशान हो गए हैं। तो वही फसलो में भी भारी नुकसान बताया जा रहा है रात के वक्त तापमान गिरने के चलते किसानों की फसलो पर बर्फ जम गई है हालांकि, दिन में धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस मिल रही है लेकिन शाम होते होते शीतलहर से आमजन ठिठुरते हुए ही नजर आ रहें। हाथों और पैरों में जकड़न महसूस होने लगी।
अगर छायन ग्रामीण की बात करें तो शीतलहर चलने के कारण ग्रामीण और शहरी खुले इलाकों में बर्फ की परत जमी नजर आ रही। वहीं सर्दी बढ़ने से सरसो, धनिया, चना, अलसी, अफीम और गेंहू की फसल को पाले की चपेट में ले लिया जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। किसान नेता पदम सिंह बोराना, दशरथ लाल नागदा, ओम प्रकाश नागदा, संभु सिंह सिसोदिया, खुमान सिंह चौहान ने कलेक्टर से मांग की है कि पाला गिरे क्षेत्र में सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए जिससे किसानों को कुछ राहत मिल सके।
किसानों का यह भी कहना है कि पिछले बार 2019-20 में भी पाला गिरा था उस वक्त भी फसलो में भारी नुकसान हुआ था जिसके चलते किसान बर्बाद हो गया था वैसा ही इस बार फिर किसानों के साथ हो रहा है सरकार को व स्थानिय नेताओं को किसानों के दर्द को समझना चाहीए वे सर्वे कराकर मुआवजा देना चाहीए, क्योंकि किसान अपने कलेजे के टूकड़े की तरफ फसल को बड़ा करता है।