डेस्क। गैंगस्टर-आतंकी कनेक्शन को लेकर आज बुधवारको एनआईए ने देशभर के 6 राज्यों में करीब 100 से अधिक ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की। यह कार्रवाई आतंकवादी-गैंगस्टर और नशीले पदार्थ के स्मगलर्स के नेक्सस मामले में चल रही है। इस कार्रवाई में करीब 200 अफसर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के शामिल है जो स्थानीय पुलिस के सहयोग से संदिग्धों के परिसरों पर छापेमार कार्रवाई कर रहे हैं। नीमच जिला भी अफीम उत्पादन क्षेत्र है। यहां भी तस्करी को लेकर कई गैंगेस्टर सक्रिय है। इन पर भी कार्रवाई की जरूरत है। सूत्रों की मानें तो अवैध अफीम से कमाई कई आकूत धन संपदा से ये गैंगेस्टर और तस्कर देश विरोधी ताकतों को फंड उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मालवा-मेवाड़ में अफीम तस्करी से जुड़े तमाम तस्करों और गैंगेस्टरों पर एनआईए की टीम शिकंजा कस सकती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देश के पंजाब और चंडीगढ़ में 65 जगह पर एनआईए का छापा पड़ा है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी 3 जगह, राजस्थान में 18 जगह और मध्य प्रदेश में 2 जगह पर एनआईए छापेमारी कर रही है। एनआईए का पिछले तीन दिनों में यह दूसरा बड़ा सर्च ऑपरेशन है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग को लेकर एनआईए ने छानबीन की थी।
पिछले साल दर्ज मामलों पर छापेमारी
एनआईए की तरफ से ये छापेमारी पिछले साल दर्ज किए गए तीन अलग-अलग मामलों के सिलसिले में की जा रही है। एजेंसी ने इस साल 25 जनवरी को दीपक रंगा को गिरफ्तार किया था। दीपक मई 2022 में मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमले का मुख्य आरोपी था।
इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमले के अलावा दीपक कई अन्य आतंकवादी और आपराधिक मामलों में भी शामिल रहा है। उस पर विदेशों में बैठे आतंकियों से भी संबंध रहे हैं। वह कनाडा में गैंगस्टर से आतंकी बने लखबीर सिंह संधू उर्फ लांडा और पाकिस्तान में रह रहे आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा का भी करीबी सहयोगी रह चुका है।
बाहर से बैठे आतंकी गैंगस्टर्स की कर रहे थे मदद
जांच एजेंसी को जब इस बात का पता चला कि विदेशों में स्थित आतंकवादी संगठन देश के उत्तरी राज्यों में हत्याओं और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए नेताओं और संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। एनआईए ने 20 सितंबर, 2022 को खुद ही मामला दर्ज किया था।
आतंकी-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर नेटवर्क का नेक्सस
यह भी सामने आया था कि आतंकी-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर नेटवर्क बंदूक चलाने वालों, अवैध हथियार और गोला-बारूद बनाने वाले के माध्यम से सीमा पार आतंकवादी हार्डवेयर, जैसे हथियार, गोला-बारूद विस्फोटक, आईईडी आदि की तस्करी में लगा हुआ था। इसको लेकर एनआईए ने पहले ही 19 लोगों और विभिन्न गिरोहों के सदस्यों, दो हथियार सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े एक बड़े फाइनेंसर को गिरफ्तार कर लिया है।
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