मंदसौर। उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग मंदसौर द्वारा बताया गया कि लंपी स्किन डिसीज पशुओं की एक विषाणुजनित बीमारी है जो कि मच्छर, मक्खी एवं टिक्स (घिंचोडी/चीचड़े) आदि के काटने से एक पशु से दूसरे पशु में फैलती है। यह बीमारी गौवंशीय पशुओं के संपर्क में आने से तेजी से फैलती है। बीमारी में अधिकतर संक्रमित पशु 2-3 सप्ताह में ठीक हो जाते हैं एवं मृत्युदर 1-5 प्रतिशत है।
भारत शासन द्वारा लंपी स्किन डिसीज के रोकथाम हेतु गोट पॉक्स वेक्सीन द्वारा कारपेट टीकाकरण म.प्र. शासन के सहयोग से 18 से 31 मई 2023 तक करवाया जा रहा है । जिले के समस्त विकासखंडों में टीकाद्रव्य एवं टैग प्रदाय किये जा चुके है। सर्वप्रथम जिले की राजस्थान राज्य एवं रतलाम , नीमच जिले की सीमा से लगे हुए ग्रामों के गौवंशीय पशुओं एवं उसके पश्चात गौशाला जहा गौवंशीय पशु समुह में रहते है तथा उसके पश्चात शेष ग्रामों के गौवंशीय पशुओं में टीकाकरण किया। गोट पॉक्स वेक्सीन द्वारा कारपेट टीकाकरण केवल गौवंशीय पशुओं में ही किया जाना है। समन्त पशुपालकों से अनुरोध है कि अपने गौवंशीय पशुओं में गोट पॉक्स वेक्सीन का टीकाकरण करवाकर लंपी स्किन डिसीज बीमारी से बचाये।
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