भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आम जनता के आवेदनों को कार्यालय में लंबित रखने वाले अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। नागरिकों की समस्याओं को हल करने के लिए ही मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान प्रारंभ किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर देखा जाए कि जनता के आवेदन कागजों में दब तो नहीं गए हैं। निराकरण में देर करने वाले शासकीय सेवक दंडित किए जाएंगे।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्देशित किया कि, संभागीय कमिश्नर्स अपने संभाग के जिलों में मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में हो रहे आवेदनों के निराकरण की प्रतिदिन जानकारी प्राप्त करें। यह अभियान एक महायज्ञ है। जनता की समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण कर लंबित कार्यों को शून्य की स्थिति में लाया जाए। मुख्यमंत्री चौहान आज समत्व भवन सभाकक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा जन सेवा अभियान के अंतर्गत प्रदेश में हो रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने जिलों और संभागों में जनता के आवेदनों के निराकरण की स्थिति जानी और कमिश्नर कलेक्टर से चर्चा कर निर्देश दिए।
प्रदेश में 10 मई से प्रारंभ मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के द्वितीय चरण में 7 दिन में प्राप्त 25 लाख 27 हजार आवेदनों में से 19 लाख 27 हजार को मंजूरी दे दी गई है। कुल प्राप्त आवेदनों में 76 प्रतिशत से अधिक आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश के शाजापुर, रतलाम, नीमच, देवास और विदिशा में आवेदनों के निराकरण 90 से 97 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री चौहान ने शाजापुर, रतलाम और खरगौन कलेक्टर के तत्परता से कार्य के अनुभवों को भी सुना।