सरवानिया महाराज। जहां गर्मी के समय फायर वाहन मे पानी भरकर रखना पड़ता है ये तो सब को पता रहता है लेकिन यहां बारिश के समय फायर वाहन मे आवश्यक रूप से पानी भरकर रखना पड़ता है ये हर किसी को पता नहीं होगा। नगर में जब भी बारिश होती हैं उसके बाद फिर कृत्रिम बारिश करना पड़ती है। यह एरिया दरवाज़े के नाम से जाना जाता है। यहां दो तरफ से गंदे नाले का पानी बहकर आता तो है लेकिन वापस जाने मे गंदे नाले का मलबा और किचड़ यहीं जमा हो जाता है। जिसके चलते रहवासियों को परेशानी आने लगती हैं। उस परेशानी से निजात दिलाने के लिए पुनः नगर परिषद का फायर फायटर कृत्रिम बारिश कर उस जमा गंदगी को हटाता है। ऐसा बारिश के आने के बाद किया जाता रहा है।
आज भी जब भीषण तपन भरी गर्मी में दोपहर को जब तेज हवाओं के साथ अचानक बारिश आई तो साथ में नालियों में जमा गंदा मलबा और गंदगी को बहाकर ले आई और ये गंदगी गंदे नाले से निकलकर दरवाजे की ढलान वाली सतह पर जमा हो गई। ऐसा बारिश के समय कई बार होता है और परिषद का फायर फायटर बारिश में पुनः कृत्रिम बारिश कर इस गंदगी को नालें मे धकेलता है।