उज्जैन। जिले के ग्राम घोसला में मानव सेवा का अद्वितीय नजारा देखने को मिला। उक्त गांव के नागरिक या यूं कहें की मानव की सेवा करने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर है जो बिना किसी फीस के रोगियों की सेवा करते हैं और जंगल की जड़ी बूटियों के द्वारा मरीजों का सफल इलाज करते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर करण सिंह दरबार का कहना है कि यहां पर प्रकृति से प्राप्त जड़ी बूटियों द्वारा मरीजों का इलाज किया जाता है और बदले में पैसा या फीस बिल्कुल नहीं लिया जाता है। मरीज को यदि बाजार की दवाई की जरूरत हो तो सिर्फ उसी दवाई के पैसे लिए जाते हैं या मरीज खुद भी बाजार से दवाई ला सकता है। इसका कोई बंधन नहीं है कि हमसे ही दवाई मंगवाए। उन्होंने फिर बताया की यहां पर असाध्य रोगों जैसे लकवा टीवी कैंसर आदि कई रोगों का इलाज किया हम जाता है। साथ ही सर्प, दीवड आदि केक आटे का भी इलाज किया जाता है। मरीज हर्षिता ने बताया कि छिपकली दूध में गिर गई थी और उस दूध को हम लोगों ने पी लिया था जब हम यहां आए और यहां पर हमारा इलाज निशुल्क किया गया। मानव सेवा का ऐसा अनूठा कार्य कहीं-कहीं देखने को मिल जाता है वैसा ही आज उज्जैन जिले के घटिया घोसला में देखने को मिला। आयुर्वेदिक डॉक्टर करण सिंह दरबार मानव सेवा के लिए तत्पर दिखाई दिए।