नीमच। जिले के ग्राम रेवली देवली के ग्राम निवासियों ने 17 जून शनिवार दोपहर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर रेवली देवली निवासी मंगल पिता बंसीलाल नागदा, करण पिता बंसीलाल नागदा, बंसीलाल पिता कन्हैयालाल नागदा, शांति बाई पिता बंसीलाल नागदा द्वारा की गई मारपीट और झूठी रिपोर्ट लिखाने बात को लेकर निष्पक्ष कानूनी जांच कर न्याय दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि 15 जून को सुबह 8ः30 बजे के लगभग मकान की गली में पत्थर रखने की बात को लेकर एक ही परिवारों के दो पक्षों में विवाद हुआ था विपक्षी मंगल नागदा के परिवारजनों द्वारा शंकर नागदा के परिवार जनों पर हथियार तलवार लठ कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला किया था जिसमें उनके परिवार जन गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए उदयपुर भी रेफर किया गया था। मेडिकल में फैक्चर भी आया था। विपक्षी मंगल नागदा के परिवारजनों द्वारा सुनियोजित साजिश पुर्वक हत्याकांड करने की योजना थी बीच बचाव में अन्य लोगों के आने से शंकर नागदा के परिवार जन बच गए नहीं तो बहुत बड़ा हत्याकांड की घटना हो जाती।
जिला पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत ज्ञापन के माध्यम से शंकर पिता पुष्कर नागदा, पुष्कर पिता फतेह लाल नागदा, मुन्नी पति पुष्कर नागदा, पारु पार्वती बाई पति शंकर लाल नागदा सभी निवासी ग्राम रेवली देवली के परिवारजनों ने बताया कि विपक्षी मंगल नागदा के परिवार जन के खिलाफ थाना एवं कोर्ट में अनेक प्रकरण विचाराधीन है ।पूर्व में सजायाफ्ता भी है। इस तथ्य की विधिवत कानूनी जांच की मांग की गई है। मंगल नागदा एवं विपक्षी जनों द्वारा नीमच सिटी थाना पुलिस को प्राथमिक सूचना रिपोर्ट में प्रीतम पिता शंकरलाल नागदा का नाम भी लिखवाया गया है जबकि प्रीतम नागदा घटना के समय नीमच मेंसी शोरूम पर उपस्थित होकर बस की प्रतीक्षा कर रहा था प्रीतम का नाम मात्र उसका भविष्य खराब करने के लिए झुठा नाम लिखवाया गया है जबकि प्रीतम प्रकरण में कहीं से कहीं उपस्थित नहीं था।
ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि प्रीतम के नाम को रिपोर्ट से हटाने के लिए मामले की जांच करवा कर निष्पक्ष न्याय दिलाने की मांग की गई। विपक्षी मंगल नागदा के परिवार जन के खिलाफ समय रहते यदि सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो गांव में कभी भी वाद विवाद बढ़ सकता है ।गांव की शांति भंग हो सकती है। और इन परिवारजनों से गांव में भय का वातावरण व्याप्त है। पूरे मामले में विवाद मकान के पास गली में रखे पत्थर को लेकर हुआ था जबकि विपक्षी गण उक्त मामले को में झूठ बोलकर पुलिस को गुमराह कर के अन्य जमीनी विवाद बताकर प्रकरण को गलत दिशा में मोड़ने की साजिश रच रहे हैं क्योंकि विपक्षी लड़ाई झगड़ालू स्वभाव के लोग हैं इसलिए उक्त मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच की मांग की गई है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है लेकिन शंकर नागदा के परिवारजनों ने कहा कि उनके ऊपर जो रिपोर्ट लिखी गई है उसमें अन्याय हुआ है उनके खिलाफ रिपोर्ट शंकर नागदा के परिवार जनों ने जिला पुलिस अधीक्षक से घटना की विस्तार से बारीकी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर कार्यालय को भी प्रेषित की गई।
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